{"_id":"61cb63ab16e3fd124b49c89e","slug":"agents-will-keep-business-closed-on-31st-in-protest-against-mandi-fee-dehradun-news-drn4001159176","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडी शुल्क के विरोध में 31 को कारोबार बंद रहे आढ़ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी शुल्क के विरोध में 31 को कारोबार बंद रहे आढ़ती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइसेंस व्यवस्था दोबारा लागू होने और मंडी शुल्क लिए जाने के विरोध में खाद्यान्न आढ़ती 31 दिसंबर को कारोबार बंद रखकर अपना विरोध जताएंगे। मंगलवार को अनाज आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंडी सचिव विजय थपलियाल से मुलाकात कर इसको लेकर बातचीत की।
कृषि उत्पादन मंडी समिति के टैक्स (लाइसेंस) के विरोध में 31 दिसंबर को देहरादून का कारोबार बंद रहेगा। मंडी सचिव विजय थपलियाल ने कहा कि 20 दिसंबर से पुराना एक्ट लागू हो गया है। हमने इसकी विज्ञप्ति जारी की थी कि जिन लोगों के लाइसेंस रिन्यू नहीं हुए हैं वो उसे रिन्यू करा लें। निरंजनपुर मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र आनंद ने बताया कि हम पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हम पहले भी मंडी से बाहर नहीं हुए थे। दिक्कत उन लोगों को है, जो बीच में मंडी से बाहर हो गए थे। अब उन्हें वापस लाइसेंस व्यवस्था में लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्यों ने पुराने कानून को लागू कर लिया है। जिन लोगों के लाइसेंस डेड हो गए, उन्हें नए सिरे से बनाने होंगे। 20 दिसंबर से गजट नोटिफिकेशन लागू हो चुका है। मंडी सचिव विजय थपलियाल ने कहा कि वैसे भी मंडी शुल्क व्यापारी नहीं देता है। यह उपभोक्ताओं से लेकर दिया जाता है। ऐसे में आढ़ती अगर यह कह रहे हैं कि इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तो पूरी तरह गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि उत्पादन मंडी समिति के टैक्स (लाइसेंस) के विरोध में 31 दिसंबर को देहरादून का कारोबार बंद रहेगा। मंडी सचिव विजय थपलियाल ने कहा कि 20 दिसंबर से पुराना एक्ट लागू हो गया है। हमने इसकी विज्ञप्ति जारी की थी कि जिन लोगों के लाइसेंस रिन्यू नहीं हुए हैं वो उसे रिन्यू करा लें। निरंजनपुर मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र आनंद ने बताया कि हम पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हम पहले भी मंडी से बाहर नहीं हुए थे। दिक्कत उन लोगों को है, जो बीच में मंडी से बाहर हो गए थे। अब उन्हें वापस लाइसेंस व्यवस्था में लाया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि राज्यों ने पुराने कानून को लागू कर लिया है। जिन लोगों के लाइसेंस डेड हो गए, उन्हें नए सिरे से बनाने होंगे। 20 दिसंबर से गजट नोटिफिकेशन लागू हो चुका है। मंडी सचिव विजय थपलियाल ने कहा कि वैसे भी मंडी शुल्क व्यापारी नहीं देता है। यह उपभोक्ताओं से लेकर दिया जाता है। ऐसे में आढ़ती अगर यह कह रहे हैं कि इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तो पूरी तरह गलत है।
विज्ञापन