निकाय चुनाव 2018: चुनाव निपटते ही कांग्रेस में ‘महाभारत’, पूर्व सीएम हरीश रावत पर उठे सवाल
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नगर निकाय चुनाव का रिजल्ट आने के बाद कांग्रेस में महाभारत शुरू हो गई है। आरोप प्रत्यारोप लगने लगे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने चुनाव में सक्रिय न रहने पर पूर्व सीम हरीश रावत की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ा है। ज्यादातर नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों पर पार्टी ने परचम लहराया है। दो निगमों में जीत दर्ज की है, जबकि 2013 के निकाय चुनाव में हरीश रावत केंद्रीय मंत्री थे और कांग्रेस बुरी तरह से परास्त हुई थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव होने के नाते हरीश रावत की भी पार्टी के लिए जिम्मेदारी बनती है।
फोने पर हुई वार्ता में उन्होंने कहा कि 27 अक्तूबर को पूर्व सीएम हरीश रावत से फोन पर बात करने का प्रयास किया था मगर बात नहीं हो पाई थी। उन्हें पत्र लिखकर जानकारी दी गई थी। उनके पीआरओ समेत दो अन्य लोगों से फोन पर बात कर पूरी जानकारी दी गई थी।
'पार्टी सभी की है और पार्टी के प्रति उनकी भी जिम्मेदारी है'
असम दौरे के दौरान और वहां से वापस दिल्ली आने के बाद दो बार उनसे फोन पर बात हुई थी। 12 नवंबर को दृष्टि पत्र जारी करने के दौरान भी उनसे रहने के लिए आग्रह किया था मगर व्यस्तता के कारण वह नहीं पहुंच सके।
पूर्व सीएम रावत की ओर से प्रचार का कार्यक्रम जारी हुआ था। उनके कार्यक्रम के अनुसार ही सब कुछ किया गया था। हरीश रावत को प्रचार की कमान आगे बढ़कर खुद संभालनी चाहिए थी।
प्रीतम के अनुसार 2013 में कांग्रेस को निकाय चुनाव में करारी शिकस्त मिली थी। इस बार कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ा है। पार्टी सभी की है और पार्टी के प्रति उनकी भी जिम्मेदारी है। प्रीतम के अनुसार हरिद्वार से भाजपा राजनीतिक संदेश देने का काम करती हैं जबकि कांग्रेस ने उसे वहां शिकस्त दी है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी मगर इस चुनाव में पांच हजार के अंतर पर ही हार जीत हुई। भाजपा के 2017 के षडयंत्र के बावजूद कांग्रेस मजबूत स्थिति में खड़ी हुई।
जल्द सामने रखेंगे हरीश रावत को भेजे गए पत्र
एक सवाल के जवाब में प्रीतम सिंह ने कहा कि पूर्व सीएम हरीश रावत ने लंबे समय तक पार्टी में टिकट बांटा है। उन्होंने टिकट कैसे बांटे और कार्यकर्ताओं का कितना ध्यान रखा, यह बात सब लोग जानते हैं। प्रीतम के अनुसार वह जल्द पत्रकार वार्ता कर पूर्व सीएम को भेजे गए पत्र सामने रखेंगे। साथ ही कब-कब फोन पर बात की गई इसका रिकॉर्ड भी सार्वजनिक किया जाएगा।
‘कुंजवाल करें अपना मूल्यांकन’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि गोविंद सिंह कुंजवाल को कुछ भी बोलने की आदत हो गई है। वह विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। उन्हें अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों पर आत्ममंथन और मूल्यांकन करने की जरूरत है।
कुप्रबंधन और बड़ी जनसभाएं न होना हार का कारण : कुंजवाल
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को सबको साथ लेकर चलना चाहिए। चुनावी कुप्रबंधन और बड़ी जनसभाएं न होना कांग्रेस के लिए हार का कारण बना। उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठन को हार पर गहन चिंतन करना चाहिए। कांग्रेस का मत प्रतिशत बढ़ा है और जनता का रुझान कांग्रेस की ओर है। पार्टी समीक्षा कर संगठन को और मजबूत करेगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मनभेद और मतभेद को खत्म करके अगर सभी एक साथ मिलकर काम करेंगे तो चुनाव में सफलता मिलेगी। कुंजवाल ने कहा कि पूर्व सीएम को प्रदेश अध्यक्ष की ओर से निमंत्रण देने संबंधी कोई बयान नहीं दिया था। यह कहा था कि पूर्व सीएम हरीश रावत की लोकप्रियता जनता के बीच है। उनकी अगर सभाएं होती तो कांग्रेस को और फायदा मिलता।