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लैंसडौन: पासिंग आउट परेड के बाद 238 रिक्रूट बने थल सेना के अभिन्न अंग, दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ
Sun, 27 Feb 2022 09:41 PM IST
सुशील कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, लैंसडौन
संवाद न्यूज एजेंसी, लैंसडौन
Published by: सुशील कुमार
Updated Sun, 27 Feb 2022 09:41 PM IST
सार
राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने तिरंगे के सम्मान का संकल्प लिया और धर्म पुस्तिका पर हाथ रखकर देश की मर्यादा और सैनिक धर्म का पालन करने का संकल्प दोहराया।
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परेड की सलामी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नायक भवानी दत्त जोशी अशोक चक्र परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद 238 रिक्रूट थल सेना के अभिन्न अंग बन गए। गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजय मोहन चौधरी ने रिक्रूटों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर पुनरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर विजय मोहन ने रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली।
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इस मौके पर राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने तिरंगे के सम्मान का संकल्प लिया और धर्म पुस्तिका पर हाथ रखकर देश की मर्यादा और सैनिक धर्म का पालन करने का संकल्प दोहराया। साथ ही शानदार परेड का प्रदर्शन किया। इस दौरान बिग्रेडियर विजय मोहन चौधरी ने रिक्रूटों से देश की सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का भली भांति निर्वहन करने का आह्वान किया।
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कहा कि वे देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें। उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होने के लिए युवा सैनिकों के साहस की प्रशंसा की और उनके परिजनों को इस महत्वपूर्ण अवसर पर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर बतौर समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर विजय मोहन चौधरी ने 238 रिक्रूटों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद रिक्रूटों को शपथ दिलाई गई।
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शपथ लेने के बाद इन रिक्रूटों को राइफलमैन का दर्जा मिला और इन्हें भारतीय सेना की गौरवमयी पैदल सेना गढ़वाल राइफल्स में विधिवत रूप से शामिल कर लिया गया। राइफलमैन का दर्जा मिलने पर राइफलमैनों ने अपने दाहिने कंधे पर ब्रिटिश सरकार की ओर से प्रदत्त लाल रंग की स्कारलैट लाल डोरी अपने दाहिने कंधे पर धारण की।