Dehradun: इस साल से सभी कॉलेजों की संबद्धता प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, राजभवन ने इस वजह से दिए निर्देश
ऑनलाइन पोर्टल होने से कॉलेजों को संबद्धता प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। इससे कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को समय से छात्रवृत्ति भी मिल सकेगी। इस पोर्टल में हर कॉलेज को अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी।
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विभिन्न विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की संबद्धता की प्रक्रिया इस साल (सत्र 2023-24) से ऑनलाइन की जाएगी। राजभवन के निर्देशों के बाद इसका पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसे दो अप्रैल को राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) लांच करेंगे।
दरअसल, हर साल श्रीदेव सुमन विवि, कुमाऊं विवि, एचएनबी मेडिकल विवि के कॉलेजों की संबद्धता की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है। यह प्रक्रिया काफी लंबी है। इसके तहत आखिर में फाइल राजभवन पहुंचती है, जिसमें काफी समय लगता है। इस वजह से राजभवन से संबद्धता के प्रमाण पत्र जारी होने में भी देरी लगती है।
राजभवन ने तय किया है कि संबद्धता की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाए। राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) के निर्देशों पर इसका पोर्टल तैयार किया जा रहा है।जानकारी के मुताबिक, दो अप्रैल को राज्यपाल इस पोर्टल को लांच कर देंगे। इसके बाद विश्वविद्यालयों के संबद्ध कॉलेजों की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। राजभवन को अंत में विवि से एक सिफारिश का पत्र आएगा, जिसके आधार पर संबद्धता प्रमाणपत्र जारी हो जाएगा। माना जा रहा है कि इससे संबद्धता समय से मिलेगी।
ऑनलाइन पोर्टल होगा तो छात्रवृत्ति की दिक्कत भी न होगी
ऑनलाइन पोर्टल होने से कॉलेजों को संबद्धता प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। इससे कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को समय से छात्रवृत्ति भी मिल सकेगी। इस पोर्टल में हर कॉलेज को अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी।
12 हजार छात्रों का भविष्य अधर में लटका
संबद्धता प्रमाण पत्र जारी न होने की वजह से प्रदेश के करीब 12 हजार छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। समाज कल्याण विभाग ने पहले पत्र भेजकर विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की सूची मांगी थी। सूची मिलने के बाद विभाग ने दोबारा एक पत्र भेजा, जिसमें कहा कि क्या यह सभी कॉलेज संबद्ध एवं मान्य हैं ?
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खास बात यह है कि एबीवीपी, आर्यन, एसएफआई जैसे संगठन लगातार छात्रवृत्ति को लेकर मांग उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। विवि का कहना है कि उन्होंने सूची भेज दी है तो समाज कल्याण विभाग का कहना है कि संबद्धता व मान्यता का प्रमाणपत्र होना जरूरी है।