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भरी अदालत में पेशकार को जड़ दिया थप्पड़
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Thu, 24 Oct 2013 12:37 AM IST
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ऋषिकेश में भरी अदालत में एक वकील ने संविदा पर कार्यरत बुजुर्ग पेशकार को थप्पड़ जड़ दिया। घटना से कोर्ट में मौजूद लोग सकते में आ गए। विवाद उस वक्त हुआ जब एक महिला वकील किसी केस के बाबत पेशकार से फाइल मांग रही थी।
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आरोप है कि पेशकार ने टालमटोल कर दी। इस पर पास में ही खड़े वकील का गुस्सा भड़क गया। उधर, घटना से कोर्ट कर्मियों में आक्रोश है।
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वकालतनामा लगाने के लिए फाइल मांगी
बुधवार दोपहर के समय विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में किसी केस पर बहस चल रही थी। तभी एक महिला वकील ने कोर्ट के पेशकार आनंद सिंह (63) से किसी केस के मामले में वकालतनामा लगाने के लिए फाइल मांगी। पेशकार ने कुछ देर रुकने के लिए कहा।
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महिला वकील ने कुछ देर बाद फिर पेशकार से आग्रह किया। बताया जा रहा है कि पेशकार ने वकालतनामा डालने और पत्रावली अवलोकन के लिए नियमानुसार मुआयने की अर्जी देने की बात कही। तभी महिला वकील के पास खड़ा एक अन्य वकील राज कौशिक भड़क गया।
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पेशकार को थप्पड़ जड़ा
आरोप है कि उसने भरी अदालत में गाली-गलौज करते हुए पेशकार को थप्पड़ जड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसके बाद वकील भनभनाता हुआ कोर्ट से बाहर आ गया।
फाइल देखने के लिए क्या है नियम
शासकीय अधिवक्ता राजेश पैन्यूली के मुताबिक, कोर्ट में किसी भी केस की फाइल देखने के लिए नियमानुसार मुआयना अर्जी डालनी पड़ती है। इस प्रक्रिया के बाद संबंधित वकील को फाइल अवलोकन के लिए दी जाती है।
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क्या है पेशकार का काम
सामान्य नियमावली सिविल के अंतर्गत न्यायालय के अंदर जो भी फाइलें पेशी पर होती हैं, उन्हें जज के सामने पेश करना और संबंधित अधिवक्ता के द्वारा दिए गए प्रार्थनापत्रों को पत्रावली में संलग्न करने के अलावा अधिवक्ता द्वारा केस फाइल मांगे जाने पर पत्रावली अवलोकन के लिए बिना किसी अनुतोष (सुविधा शुल्क) के उपलब्ध कराना।
सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
इस मामले के बाद कुछ वकीलों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अक्सर पेशकार केस की पत्रावली अवलोकन, केस की डेट आगे बढ़ाने संबंधी मामलों में सुविधा शुल्क की डिमांड करते हैं।
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वकील को कारण बताओ नोटिस
बार एसोसिएशन ऋषिकेश की अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सजवाण की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक हुई, जिसमें आरोपित वकील को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वकील से एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। एसोसिएशन सचिव राकेश सिंह मियां ने बताया कि यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। सप्ताहभर में वकील ने जवाब नहीं दिया तो उसकी बार एसोसिएशन से सदस्यता आजीवन समाप्त कर दी जाएगी।
‘काफी देर तक टालमटोल की’
महिला वकील और मैं एक क्लाइंट की जमानत कराने के लिए वकालतनामा लगाने अदालत पहुंचे। यहां महिला वकील ने पेशकार से फाइल मांगी थी, ताकि पत्रावली का अवलोकन किया जा सके। पेशकार ने पहले काफी देर तक टालमटोल की और बाद में फाइल दिखाने के एवज में सुविधा शुल्क मांगने लगा। इनकार करने पर वह भड़क गया, जिससे विवाद हो गया।
- राज कौशिक, वकील