{"_id":"68f1b0585d45324ee50f8a12","slug":"adani-group-excited-about-kedarnath-ropeway-gautam-adani-shared-futuristic-image-on-social-media-2025-10-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: केदारनाथ रोपवे के लिए अडानी समूह उत्साहित, सोशल मीडिया पर गौतम अडानी ने साझा की भविष्य की तस्वीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: केदारनाथ रोपवे के लिए अडानी समूह उत्साहित, सोशल मीडिया पर गौतम अडानी ने साझा की भविष्य की तस्वीर
Fri, 17 Oct 2025 08:37 AM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 17 Oct 2025 08:37 AM IST
सार
केदारनाथ रोपवे की भविष्य की तस्वीर को अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने सोशल मीडिया पर साझा की है। रोपवे के बनने से अब तक केदारनाथ का जो सफर आठ से नौ घंटे में पूरा होता है, वह महज 36 मिनट में हो जाएगा।
विज्ञापन
गौतम अडानी
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
केदारनाथ रोपवे निर्माण को लेकर अडानी ग्रुप के संस्थापक व अध्यक्ष गौतम अडानी उत्साहित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में भारी रोपवे की वीडियो जारी करते हुए बताया है कि यह दुनिया का सबसे सुरक्षित रोपवे होगा।
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण अडानी ग्रुप कर रहा है। ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडानी ने जारी वीडियो में बताया है कि वह आस्था को सुविधा से जोड़ने का कदम उठा रहे हैं। इस रोपवे के बनने से अब तक केदारनाथ का जो सफर आठ से नौ घंटे में पूरा होता है, वह महज 36 मिनट में हो जाएगा।
रोपवे में जो गोंडोला (ट्रॉली) इस्तेमाल किया जाएगा, उसमें एक बार में 35 तीर्थयात्री बैठ सकेंगे। एक घंटे में सोनप्रयाग से केदारनाथ या केदारनाथ से सोनप्रयाग के बीच 1800 तीर्थयात्री रोपवे से जा सकेंगे। यह भारत का पहला ऐसा रोपवे होगा जो कि 3-एस ट्राइकेबल तकनीक पर चलेगा। यह ऐसी केबल कार प्रणाली है, जिसमें तीन केबल का इस्तेमाल होता है। यह विश्व की सबसे सुरक्षित व अत्याधुनिक तकनीक मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण अडानी ग्रुप कर रहा है। ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडानी ने जारी वीडियो में बताया है कि वह आस्था को सुविधा से जोड़ने का कदम उठा रहे हैं। इस रोपवे के बनने से अब तक केदारनाथ का जो सफर आठ से नौ घंटे में पूरा होता है, वह महज 36 मिनट में हो जाएगा।
विज्ञापन
रोपवे में जो गोंडोला (ट्रॉली) इस्तेमाल किया जाएगा, उसमें एक बार में 35 तीर्थयात्री बैठ सकेंगे। एक घंटे में सोनप्रयाग से केदारनाथ या केदारनाथ से सोनप्रयाग के बीच 1800 तीर्थयात्री रोपवे से जा सकेंगे। यह भारत का पहला ऐसा रोपवे होगा जो कि 3-एस ट्राइकेबल तकनीक पर चलेगा। यह ऐसी केबल कार प्रणाली है, जिसमें तीन केबल का इस्तेमाल होता है। यह विश्व की सबसे सुरक्षित व अत्याधुनिक तकनीक मानी जाती है।
विज्ञापन
सुरक्षित व सुगम यात्रा भी कराएगा
अडानी ने वीडियो के माध्यम से कहा है कि यह रोपवे समय तो बचाएगा साथ में सुरक्षित व सुगम यात्रा भी कराएगा। स्थानीय पर्यटन व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत निर्माण मंजूरी हमारा वादा है।
अडानी ने वीडियो के माध्यम से कहा है कि यह रोपवे समय तो बचाएगा साथ में सुरक्षित व सुगम यात्रा भी कराएगा। स्थानीय पर्यटन व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत निर्माण मंजूरी हमारा वादा है।
ये भी पढ़ें...Dehradun: करनदीप सिंह लापता प्रकरण; जांच हुई अब रिपोर्ट का इंतजार, 26 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग
आपको बता दें कि वर्तमान में सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक शटल सेवा संचालित होती है। इसके बाद गौरीकुंड से केदारनाथ की 19 किलोमीटर पैदल यात्रा होती है। इसी यात्रा में घोड़े-खच्चरों, डोली की भी सुविधा मिलती है। रोपवे शुरू होने के बाद सीधे सोनप्रयाग से केदारनाथ की यात्रा होगी।