दून को देखते ही 'जीतू जी' तो हो गए फिदा, देखिए क्या बोले
- देवभूमि में पहली बार पधारे मशहूर अभिनेता जितेंद्र उत्तराखंड की हरियाली देख हुए अभिभूत
- जितेंद्र कामेडियन राजपाल यादव के साथ उत्तराखंड सुपर लीग के उद्घाटन के मौके पर आए दून
विस्तार
लीग के उद्घाटन के लिए अपने जमाने के मशहूर अभिनेता और जंपिंग जैक जितेंद्र और मशहूर कामेडियन राजपाल यादव मुंबई से सीधे जॉलीग्रांट पहुंचे। दोनों अभिनेता देहरादून में आयोजित उत्तराखंड सुपर लीग के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए मुंबई से यहां आए हुए हैं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरते ही जितेंद्र ने एक सवाल के जवाब में कहा ‘यहां ऑक्सीजन बहुत है, लेने आया हूं।’
स्टार अभिनेता जितेंद्र और राजपाल यादव एक ही फ्लाइट से शनिवार दोपहर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट उतरे। मुख्यमंत्री हरीश रावत के पुत्र और यूएसएल के चेयरमैन विरेंद्र सिंह रावत ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से सभी लोग पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और सीएम हरीश रावत से मुलाकात की।
इसके बाद दोनों राजपुर रोड स्थित एक होटल पहुंचे। जहां मीडिया से बातचीत की। दोनों ने बातचीत के दौरान उत्तराखंड और यहां की खूबसूरती की खूब तारीफ की।
यूपी मां है तो उत्तराखंड मौसी: राजपाल
हास्य अभिनेता राजपाल यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को एक ही नजरिया से देखते हैं। कहने को बीच में एक दीवार खड़ी कर दी गई है कि यह यूपी है तो यहां से उत्तराखंड। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उनकी मातृभूमि है, उस समय उत्तराखंड भी यूपी में ही था। अब उत्तराखंड अलग प्रदेश हो गया है, पर लगाव पहले ही जैसा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मां है तो उत्तराखंड मौसी है।
राजपाल ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि उत्तराखंड वासियों ने फुटबाल के शुभारंभ पर बुलाया है। खेल से जुड़ा रहना अच्छा लगता है। उन्होंने इस मौके पर युवा पीढ़ी को फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी। साथ ही कहा कि बेहतर फिटनेस तभी संभव है जब व्यक्ति खेल से जुड़ा हुआ हो।
उन्होंने कहा कि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। यहां बहुत प्यार मिलता है। यही कारण है कि यहां बीच-बीच में आता रहता हूं। यादव ने कहा कि उनकी पांच छह फिल्में बहुत जल्द आने वाली हैं जिसमें वह मुख्य भूमिका के रूप में दिखेंगे।
‘क्रिकेट की तरह फुटबाल को बनाए लोकप्रिय’
देवभूमि में पहली बार पधारे मशहूर अभिनेता जितेन्द्र कपूर ने कहा कि यहां आक्सीजन लेने आए हूं। यहां बहुत हरियाली और स्वच्छ आक्सीजन है। ऑक्सीजन और यहां की यादें यहां से समेटकर ले जाऊंगा। क्योंकि मुंबई में यह सब नहीं मिलता है।
कपूर ने कहा कि वह जब जौलीग्रांट एयरपोर्ट से बाहर निकले तो एक अद्भुत सा अहसास हुआ। यहां की वादियां और हवा में ताजगी है। यहां ऊर्जा बहुत है, बस इसे बचाकर रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दर्शकों ने क्रिकेट को लोकप्रिय बनाया, ठीक उसी प्रकार फुटबाल को भी बनाने की जरूरत है।
फुटबाल खेल को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में इसका स्कोप ज्यादा है। ऐसे में इस तरह के प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।