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बाल श्रमिक रखने वालों की अब खैर नहीं, होगी कड़ी कार्रवाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 26 Nov 2016 10:52 PM IST
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बाल मजदूर
- फोटो : demo pic
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देहरादून के जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने डिस्ट्रिक्ट नेशनल चाइल्ड लेबर सोसाइटी की बैठक में अधिकारियों को नियमित छापेमारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल श्रमिक रखने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जिलाधिकारी ने बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2016 के तहत सहायक श्रम आयुक्त/परियोजना निदेशक एनसी कुलाश्री को बालश्रम निषेध कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि एनआईसी से वेबसाइट निर्मित कर उसमें गैर सरकारी संगठनों के चयन के लिए सभी औपचारिकताओं और योग्यताओं को दर्शाते हुए आवेदन आमंत्रित किए जाएं। प्राप्त आवेदनों के निरीक्षण के लिए सीडीओ की अध्यक्षता वाली समिति से मंजूरी हासिल कर जिलाधिकारी कार्यालय के साथ ही अगली बैठक में रखा जाएगा।
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छापेमारी के दिए निर्देश
डीएम ने कहा कि 14 साल से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के श्रमिक के रूप में रखने पर सख्त सजा और 14 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कुछ प्रावधानों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के कार्यों में रखने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को खनन, रेस्टोरेंट, होटल, ढाबों, लघु उद्योग क्षेत्रों में नियमित छापेमारी के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा में भी बाल श्रमिकों के प्रयोग न करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ बंशीधर तिवारी, जीएम उद्योग शिखर सक्सेना, समिति सदस्य गोविंद सिंह बिष्ट आदि अधिकारी मौजूद रहे।