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PWD के चार और अभियंताओं पर गिरी गाज

ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 31 Dec 2014 10:40 AM IST
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action on PWD engineers.
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उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग ने अनियमितताओं के मामले में तीन अभियंताओं को पदावनत किया और एक अधिशासी अभियंता की एक वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी किया।
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वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी
मंगलवार को शासन ने एक अधीक्षण अभियंता की दो वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया था। लोक निर्माण विभाग मुख्यमंत्री हरीश रावत का ही महकमा है। ऐसे में मुखिया का इशारा समझते हुए महकमे की कोशिश अभियंताओं को भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस का संकेत देने की है।


विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 40 अभियंताओं के खिलाफ कार्यवाही की जा चुकी है। बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण और हॉटमिक्स कार्य के अनुबंध, कार्य में अनियमितता बरते जाने के कारण लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अभियंता पूरन चंद्र जोशी को अधिशासी अभियंता से सहायक अभियंता पद पर पदावनत किया गया है।

उनके खिलाफ निर्माण कार्य में निविदा प्रपत्र ठीक से तैयार न करने, ठेकेदार की ओर से दिए गए बिड कैपेसिटी की गणना सही तरीके से न करने, बैंक गारंटी, सिक्योरिटी का सत्यापन और परीक्षण न करने आदि शिकायतें थीं जो सही पाई गईं। उनके खिलाफ परिनिंदा टिप्पणी का भी आदेश जारी किया गया है।

लोक निर्माण विभाग कपकोट के तत्कालीन सहायक अभियंता नंदन सिंह मांजिला को भी कनिष्ठ अभियंता के पद पर पदावनत किया गया है। नंदन सिंह ने निर्माण कार्य में सिक्योर्ड एडवांस फरजी बैंक बैंक गारंटी के विरुद्ध सिक्योर्ड एडवांस मोबीलाइजेशन की धनराशि का समायोजन न करते हुए भुगतान की संस्तुति की थी।

कपकोट निर्माण खंड के तत्कालीन सहायक अभियंता देवेंद्र सिंह भोज को भी सहायक अभियंता से कनिष्ठ अभियंता के पद पर पदावनत किया गया।

आरोप सही पाए जाने पर परिनिंदा का आदेश
भोज के खिलाफ निविदा स्वीकृति के प्रपत्रों का सही प्रकार से परीक्षण न करना, स्वीकृति के बाद अनुबंध पत्रों को तैयार करना तथा कमियों को उच्चाधिकारियों को प्रेषित न करना, एफ डीआर का सत्यापन न करना, अग्रिमों की वसूली न करना के आरोप थे। आरोप सही पाए जाने पर उनके खिलाफ परिनिंदा का आदेश भी जारी किया गया है।

प्रांतीय खंड अल्मोड़ा के तत्कालीन अधिशासी अभियंता सुनील कुमार के खिलाफ भी एक वेतनवृद्धि रोकने का प्रस्ताव पारित किया गया है। निविदा समिति के सदस्य के रुप में सुनील कुमार ने बिड सिक्योरिटी और क्रेडिट फैसेलिटी के सत्यापन का संज्ञान नहीं लिया।

अपर सचिव लोक निर्माण विभाग अरविंद सिंह हयांकि के मुताबिक इन सब मामलों में आदेश जारी कर दिए गए हैं। सोमवार को भी लोक निर्माण विभाग ने अधीक्षण अभियंता के खिलाफ दो वेतनवृद्घि रोकने और परिनिंदा का आदेश जारी किया था।

इसके अलावा बेरीनाग-रामेश्वर सड़क के मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस के खिलाफ दो वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया गया था। सचिव लोक निर्माण विभाग अमित नेगी के मुताबिक सहायक अभियंता एमसी पांडे आंशिक रूप से दोषी पाए गए।

उनके खिलाफ परिनिंदा का आदेश जारी किया गया। तत्कालीन अधिशासी अभियंता मदन सिंह हयांकि के खिलाफ कोई आरोप सही नहीं पाया गया। लोक निर्माण विभाग मुख्यमंत्री हरीश रावत का ही महकमा है और मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा।

दूसरी ओर सड़कों को लेकर प्रदेश सरकार पर खासा दबाव भी है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग अपने अभियंताओं को भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस का संकेत देने की कोशिश में।
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