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गैरहाजिर मिले 3000 गेस्ट टीचर, सेवाएं होंगी समाप्त
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 12 Dec 2016 09:33 AM IST
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तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले एक महीने से कार्य बहिष्कार कर रहे तीन हजार गेस्ट टीचरों की सेवाएं समाप्त हो सकती हैं।
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हड़ताली टीचरों के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट के कार्रवाई के फैसले और अब शासन के इन टीचरों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश के बाद विभाग इनका अनुबंध समाप्त करने जा रहा है। शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर के मुताबिक गेस्ट टीचरों की दैनिक उपस्थिति की समीक्षा की जा रही है।
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अब तक तीन हजार से अधिक टीचर अनुपस्थित मिले हैं। समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन टीचरों के साथ हुआ अनुबंध समाप्त किया जाए। प्रदेश में हड़ताली गेस्ट टीचरों पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब शासन और विभाग की ओर से भी कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से इस तरह के समस्त टीचरों के अनुबंध समाप्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं निदेशालय से गेस्ट टीचरों की हर दिन की उपस्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट मांगी गई है। अब तक जो रिपोर्ट मिली है उसके मुताबिक तीन हजार से अधिक गेस्ट टीचर अनुपस्थित मिले हैं।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक बच्चों की परीक्षाएं शुरू होने को हैं, गेस्ट टीचरों की हड़ताल से पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट से भी हड़ताली टीचरों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश हुआ है। विभाग ने अब समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इन टीचरों का अनुबंध समाप्त करने का निर्देश जारी किया है। शिक्षा निदेशक ने कहा कि अब हड़ताली टीचरों को कोई मौका नहीं दिया जाएगा।
शुरूआत में 89 दिनों के अनुबंध पर थे गेस्ट टीचर
अगस्त 2015 में गेस्ट टीचरों को अधिकतम 89 दिनों के लिए अनुबंध के आधार पर स्कूलों में तैनाती दी गई थी। नियमित शिक्षक के मिलने पर इनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती थी, लेकिन अप्रैल 2016 को शासनादेश जारी कर इनकी सेवाएं एक शिक्षा सत्र या फिर नियमित नियुक्ति के शिक्षक की तैनाती तक के लिए बढ़ा दी गई थी। वहीं इनका मानदेय 15 हजार रुपये निश्चित किया गया।