मोदी का ऑफर मिला, लेकिन उत्तराखंड की सेवा करने की ठानी
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मैं उत्तराखंड में रहकर ही अपने प्रदेश और क्षेत्र की सेवा करना चाहता हूं। गढ़-कुमाऊं के विकास के लिए नए-नए शोध पर कार्य करना ही मेरा प्रमुख उद्देश्य है...
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ये बातें मोबाइल बम डिटेक्टर डिवाइस ईजाद करने वाले इंजीनियरिंग के छात्र अभिलाष सेमवाल ने कहीं। कर्णप्रयाग ब्लॉक के चूलाकोट गांव के मूल निवासी स्व. प्रकाश चंद्र सेमवाल की दो संतानों में बड़ा पुत्र अभिलाष इस उपलब्धि से हर किसी का चहेता बन गया है। वह गुजरात के सीएम का ऑफर ठुकराकर उत्तराखंड में काम करना चाहता है।
कार बम डिटेक्टर डिवाइस पर कर रहा काम
ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय देहरादून में बीटेक तृतीय वर्ष कंप्यूटर साइंस का छात्र अभिलाष देहरादून में अपनी दादी और चाचा के साथ रहता है। अब वह कार बम डिटेक्टर डिवाइस पर कार्य कर रहा है।
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‘अमर उजाला’ से हुई बातचीत में अभिलाष ने बताया कि मैं पिछले दो साल से मोबाइल बम डिटेक्टर डिवाइस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा था। इस दौरान कई बार मेरी क्लास छूटी।
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उपस्थिति कम होने के कारण पढ़ाई भी बाधित हुई, लेकिन कॉलेज में कुछ फैकल्टियों की मदद से मुझे ज्यादा मुश्किलें नहीं हुई। मुझे इस प्रोजेक्ट पर कार्य करने के लिए आईआईटी रुड़की में कार्यरत एक प्रोफेसर ने प्रेरित किया, उन्हें मैं अपना आदर्श मानता हूं।
रिश्तेदारों ने की मदद
अभिलाष ने बताया कि प्रोजेक्ट के दौरान मुझे रुपयों की जरूरत भी हुई लेकिन विषम परिस्थितियों में भी मेरे ताऊ जी, चाचा जी और मौसाजी ने धनराशि उपलब्ध कराई। उन्होंने कभी नहीं पूछा, कि इतने रुपए किस लिए चाहिए।
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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी उसे गुजरात में कार्य करने का न्योता दे चुके हैं तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी उसे आर्थिक मदद के साथ आगे भी सहयोग की बात कही है।
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चूलाकोट के पूर्व ग्राम प्रधान हेमंत सेमवाल ने बताया कि अभिलाष को ग्राम पंचायत सम्मानित करेगा। उसके ताऊ जी दीपचंद्र सेमवाल, मौसा तारेंद्र प्रसाद डिमरी और चाचा मुकेश चंद्र सेमवाल का कहना है कि अभिलाष ने हम सबका मान बढ़ाया है। यह सब उनके पित्रों के आशीर्वाद से ही हुआ है।
नाती ने दिया हंसने का मौका
अभिलाष की 80 वर्षीय दादी बसंती देवी का कहना है कि दो वर्ष में दो बेटों को खोने का गम शायद कभी खत्म न हो, लेकिन नाती की इस सफलता ने मुझे हंसने का मौका दिया है।
प्रोजेक्ट पर खर्च हुए हजारों
मोबाइल बम डिटेक्टर डिवाइस पर अभिलाष के दो वर्ष में 90 हजार रुपए और पढ़ाई पर अभी तक उनके 3.5 लाख खर्च हो चुके हैं।
प्रोफाइल
नाम : अभिलाष सेमवाल
जन्मतिथि : 6/12/1995
शिक्षा : बीटेक तृतीय वर्ष में
पिता का नाम : स्व. प्रकाश चंद सेमवाल
मां का नाम : अंजना सेमवाल
बेटे की इस उपलब्धि से खुश हूं। वह अपने पिता के निधन के बाद अपने को अकेला हो गया था, लेकिन उसके दृढ़ निश्चय ने ही उसे हिम्मत दी है। उसका कार्य जनहित में हो, यही मेरी इच्छा है।
- अंजना सेमवाल, अभिलाष की माता