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आधार कार्ड के चक्कर में बने घनचक्कर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 09 Dec 2014 11:52 AM IST
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एक गैस सिलेंडर पर 371 रुपए की सब्सिडी पाने के लिए शहर के लोग आजकल गैस एजेंसी से लेकर आधार कार्ड बनाने वाले शिविर तक के चक्कर काट रहे हैं।
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गैस एजेंसियों में जहां फॉर्म लेने और जमा करने के लिए लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं आधार कार्ड बनाने वाले शिविर में भी राहत नहीं मिल रही है।
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लोगों की इन परेशानियों के निदान के लिए न तो शासन से कोई पहल हो रही है न ही प्रशासन कुछ कर रहा है। यही नहीं खाद्य विभाग भी गैस एजेंसियों में सुचारु व्यवस्था नहीं बनवा पा रहा है।
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बाद वालों को पहले बुलाने पर हंगामा
देहरादून नगर निगम में लगे आधार कार्ड कैंप में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। बायोमेट्रिक जांच के लिए टोकन लेकर घंटों से कतार में खड़े लोगों ने बाद में आए लोगों को पहले बुलाने पर कड़ा विरोध जताया। आरोप था कि कंपनी के कर्मचारी अपने चहेतों की जांच पहले कर रहे हैं।
राजधानी की लाखों की आबादी के लिए एकमात्र आधार कार्ड कैंप नगर निगम सभागार में चल रहा है। यहां कंपनी के कर्मचारी फार्म जमा करने के बाद कर्मचारियों की बायोमेट्रिक जांच कर रहे हैं। इसमें वक्त लगने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
लंबी लाइन में जद्दोजहद के बाद लोगों को फॉर्म मिलता है तो इसके अंग्रेजी में होने के कारण बड़ी संख्या में लोग उसके साथ लगने वालों दस्तावेज और फॉर्म में भरे जाने कॉलमों की जानकारी के लिए कंपनी कर्मचारियों की मिन्नत करते हैं।
फॉर्म भरने और इसके बाद जरूरी दस्तावेज लगाने के बाद लोग इसे लेने के अगले दिन फॉर्म जमा कर पाते हैं, लेकिन फॉर्म जमा करने पर उन्हें 10-15 दिन बाद का टोकन दिया जाता है।
सोमवार को उस वक्त कंपनी कर्मचारियों पर सवाल उठने लगे जब लोगों ने बाद का नंबर पाने वालों का उनके पहले वालों से बायोमेट्रिक करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। निगम कर्मियों ने किसी तरह स्थिति संभाली। इसके बाद काम सुचारु हुआ।
आधार के आड़े आ रहा मतदाता पहचान पत्र
बीएलओ और तहसील की लापरवाही लोगों को खल रही है। जिन लोगों को वोटर आईडी कार्ड नहीं मिला है, उन्हें आधार कार्ड बनवाने में दिक्कत आ रही है। ऐसे करीब दो हजार लोग हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट में नाम तो है, लेकिन पहचान पत्र नहीं मिल पाया है।
हालांकि, तहसील कर्मी इस गड़बड़ी के लिए नेताओं को जिम्मेदार बताते हैं। उनका कहना है कि कई नेता वोट बैंक के चक्कर में क्षेत्र के तमाम लोगों के आई कार्ड एक साथ ले गए। इनमें कई पार्षद, ग्राम प्रधान और दूसरे नेता शामिल हैं।
इससे बहुत से लोगों को पहचान पत्र नहीं मिल पाया। अब लोग आई कार्ड के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि वोटर आईडी कार्ड के साथ एड्रेस प्रूफ के लिए बिजली या पानी का बिल जरूरी है।
जिन लोगों का वोटर लिस्ट में नाम है, लेकिन मतदाता पहचान पत्र नहीं मिला है, वे 25 रुपये के चालान के साथ फॉर्म-8 भर दें। उनका नया पहचान पत्र बन जाएगा। फार्म बीएलओ के पास जमा करना होगा।
- पीएस रावत, एडीओ इलेक्शन
मतदाता बनने को 16 जनवरी से भरें फॉर्म
मतदाता बनने के लिए 16 जनवरी से फिर फॉर्म भरा जा सकता है। इससे पूर्व में 14 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच जो मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 जमा किए हैं, उनकी डाटा एंट्री की जा रही है।
एडीओ इलेक्शन पीएस रावत ने बताया कि 15 जनवरी को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। बीएलओ जांच करके तहसीलों में फॉर्म जमा कर रहे हैं। जैसे ही फॉर्म जमा होंगे तहसील में ही इनकी डाटा एंट्री हो जाएगी।
बताया कि 16 जनवरी से लोग फॉर्म भर सकते हैं। जिन लोगों का मतदाता पहचान पत्र खो गया है या खराब हो गया है, वे दोबारा कार्ड बनवाने के लिए निर्धारित फॉर्म भर सकते हैं।