सबसे कम उम्र की Aadhaar कार्ड धारक बनी यह बच्ची, जन्म लेते ही बनाया रिकॉर्ड
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हर व्यक्ति की Aadhaar से पहचान को एक परिवार ने ऐसी तवज्जो दी कि बीटिया के जन्म लेने के 13 घंटे के अंदर ही आधार कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कर दिया।
बेटी को अवंतिका नाम भी दिया गया। घर वालों का दावा है कि यह प्रदेश में सबसे कम उम्र में आधार कार्ड बनाने का रिकॉर्ड है। गायत्री विहार ग्राम बसई निवासी सतेंद्र की पत्नी पिंकी रिखाड़ी की काशीपुर के निजी अस्पताल में शनिवार रात 10 बजे पुत्री हुई।
रविवार सुबह 11 बजे रामनगर आधार टीम के ऑपरेटर आनंद सिंह बोहरा ने अस्पताल में जाकर आधार बनाने का काम पूरा किया।
एक साल से कम उम्र के बच्चों का भी बन सकता है आधार कार्ड
बच्ची ऑपरेशन से जन्मी। रिखाड़ी ने बताया कि वह भी नगर पालिका में आधार कार्ड बनवाते हैं, इसलिए बच्ची के जन्म होते ही इसकी जानकारी आधार टीम को दे दी थी, जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर आधार कार्ड बनवाने की औपचारिकता पूरी की। इसमें बच्ची का नाम अवंतिका रिखाड़ी दर्ज किया गया है।
एक साल से कम उम्र के बच्चों का भी आधार कार्ड बन सकता है लेकिन यह अभिभावकों के कार्ड से लिंक होता है। पांच साल की उम्र होने पर बच्चे को बायोमैट्रिक रिकॉर्ड यानी फिंगर प्रिंट उसके कार्ड से लिंक किए जाते हैं। इसमें भी 15 वर्ष की उम्र तक बदलाव हो जाता है। ऐसे में 15 वर्ष की उम्र होने पर इन्हें दोबारा लिंक किया जाता है।