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किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी किशोर को भेजा बाल सुधार गृह
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अनाथ आश्रम में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी किशोर को पुलिस ने मंगलवार को पकड़ लिया। उसे किशोर न्याय बोर्ड (जेजे बोर्ड) में पेश किया गया। यहां से उसे 14 दिन के न्यायिक संरक्षण में केदारपुरम स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता की काउंसिलिंग भी कराई गई है।
दो दिन पहले आश्रम के प्रधान की ओर से कोतवाली थाने में मुदकमा दर्ज कराया गया था। प्रधान ने बताया था कि उनके आश्रम में एक किशोरी के साथ वहां रहने वाले एक किशोर ने दुष्कर्म किया है। इसका पता उन्हें उस वक्त लगा जब किशोरी गर्भवती हो गई। उसकी कुछ दिन पहले तबीयत भी खराब हुई थी। आश्रम में उसका टेस्ट भी कराया गया था। इसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। किशोरी ने वार्डन और अन्य अधिकारियों को बताया था कि वह जून माह से इस किशोर के संपर्क में थी।
पुलिस ने किशोर के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। किशोरी का मेडिकल भी कराया गया। इसमें भी उसके करीब पांच माह के गर्भवती होने का पता चला। एसपी सिटी सरिता डोलाल ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद मंगलवार को विवेचना अधिकारी एसआई हिमानी चौधरी की टीम ने किशोर को पकड़ लिया। इसके बाद केदारपुरम स्थित किशोर न्याय बोर्ड में उसे पेश किया गया। यहां से उसे 14 दिन के न्यायिक संरक्षण में बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
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नहीं हो सके मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज
पुलिस टीम ने बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों के सामने किशोरी के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद उसकी काउंसिलिंग कराई गई। पुलिस को मंगलवार को किशोरी के मजिस्ट्रेटी बयान (सीआरपीसी 164) भी दर्ज कराने थे। लेकिन, कोई महिला मजिस्ट्रेट न होने के कारण बयान दर्ज नहीं कराए गए। ऐसे में किशोरी को दोबारा बुधवार को न्यायालय ले जाया जाएगा।
पुलिस जांच के बाद होगी प्रशासन की जांच
मामले में प्रशासन भी आश्रम में जांच करेगा। इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि आश्रम में इस वक्त पुलिस की जांच चल रही है। इसके बाद ही प्रशासनिक जांच टीम को वहां भेजा जाएगा। पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश सभी को दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी वहां जांच के लिए भेजा जाएगा। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इधर, बाल आयोग भी इस मामले में रिपोर्ट तलब कर सकता है। आयोग की रोशनी सती ने बताया कि सचिव के आने के बाद इस मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।
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दो दिन पहले आश्रम के प्रधान की ओर से कोतवाली थाने में मुदकमा दर्ज कराया गया था। प्रधान ने बताया था कि उनके आश्रम में एक किशोरी के साथ वहां रहने वाले एक किशोर ने दुष्कर्म किया है। इसका पता उन्हें उस वक्त लगा जब किशोरी गर्भवती हो गई। उसकी कुछ दिन पहले तबीयत भी खराब हुई थी। आश्रम में उसका टेस्ट भी कराया गया था। इसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। किशोरी ने वार्डन और अन्य अधिकारियों को बताया था कि वह जून माह से इस किशोर के संपर्क में थी।
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पुलिस ने किशोर के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। किशोरी का मेडिकल भी कराया गया। इसमें भी उसके करीब पांच माह के गर्भवती होने का पता चला। एसपी सिटी सरिता डोलाल ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद मंगलवार को विवेचना अधिकारी एसआई हिमानी चौधरी की टीम ने किशोर को पकड़ लिया। इसके बाद केदारपुरम स्थित किशोर न्याय बोर्ड में उसे पेश किया गया। यहां से उसे 14 दिन के न्यायिक संरक्षण में बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
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नहीं हो सके मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज
पुलिस टीम ने बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों के सामने किशोरी के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद उसकी काउंसिलिंग कराई गई। पुलिस को मंगलवार को किशोरी के मजिस्ट्रेटी बयान (सीआरपीसी 164) भी दर्ज कराने थे। लेकिन, कोई महिला मजिस्ट्रेट न होने के कारण बयान दर्ज नहीं कराए गए। ऐसे में किशोरी को दोबारा बुधवार को न्यायालय ले जाया जाएगा।
पुलिस जांच के बाद होगी प्रशासन की जांच
मामले में प्रशासन भी आश्रम में जांच करेगा। इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि आश्रम में इस वक्त पुलिस की जांच चल रही है। इसके बाद ही प्रशासनिक जांच टीम को वहां भेजा जाएगा। पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश सभी को दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी वहां जांच के लिए भेजा जाएगा। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इधर, बाल आयोग भी इस मामले में रिपोर्ट तलब कर सकता है। आयोग की रोशनी सती ने बताया कि सचिव के आने के बाद इस मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।