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क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने के लिए 461.87 करोड़ के बजट की आवश्यकता : महाराज
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देहरादून। प्रदेश में आपदा से 2360 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। 2329 मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा 199 सड़कों पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। क्षतिग्रस्त मार्गों को ठीक करने के लिए 461.87 करोड़ के बजट की आवश्यकता है।
यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के सभागार में बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में महाराज ने कहा, विभाग के माध्यम से प्रदेश में बने पुलों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। इसके आलवा लंबित व निर्माणाधीन सड़कों की जिलावार समीक्षा होनी चाहिए। सड़क व पुलों की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री, डामरीकरण, सड़क की मोटाई, लैब टेस्ट व थर्ड पार्टी गुणवत्ता की जांच की जाए। खराब गुणवत्ता मिलने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वैकल्पिक मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने के साथ सड़क पर जहां डाइवर्जन हो रहा है, उन स्थानों पर बोर्ड लगाने और रोड साइनेज को आई लेबल पर लगाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि गड्ढा पैचवर्क एप के माध्यम से प्राप्त 1953 शिकायतों में से 1327 का समाधान कर दिया गया है। शेष 626 अन्य विभागों के मामले उन्हें हस्तांतरित कर दिए गए हैं। प्रदेश में 34 निष्प्रयोजित पुलों में से 21 पुलों को दोबारा उपयोग में लाया जा रहा है। प्रदेश की 199 सड़कों पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। बैठक में सचिव लोक निर्माण पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता रंजीत रावत, मुकेश परमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के सभागार में बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में महाराज ने कहा, विभाग के माध्यम से प्रदेश में बने पुलों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। इसके आलवा लंबित व निर्माणाधीन सड़कों की जिलावार समीक्षा होनी चाहिए। सड़क व पुलों की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री, डामरीकरण, सड़क की मोटाई, लैब टेस्ट व थर्ड पार्टी गुणवत्ता की जांच की जाए। खराब गुणवत्ता मिलने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वैकल्पिक मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने के साथ सड़क पर जहां डाइवर्जन हो रहा है, उन स्थानों पर बोर्ड लगाने और रोड साइनेज को आई लेबल पर लगाने के भी निर्देश दिए।
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बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि गड्ढा पैचवर्क एप के माध्यम से प्राप्त 1953 शिकायतों में से 1327 का समाधान कर दिया गया है। शेष 626 अन्य विभागों के मामले उन्हें हस्तांतरित कर दिए गए हैं। प्रदेश में 34 निष्प्रयोजित पुलों में से 21 पुलों को दोबारा उपयोग में लाया जा रहा है। प्रदेश की 199 सड़कों पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। बैठक में सचिव लोक निर्माण पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता रंजीत रावत, मुकेश परमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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