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Dehradun News: कनाडा से बेटे का दोस्त बताकर 9.40 लाख ठगे
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एक व्यक्ति को साइबर ठगों ने कनाडा में रह रहे उनके बेटे का दोस्त बनकर ठग लिया। साइबर ठग ने वहां पर जमीन खरीदने के नाम पर पैसे मांगे थे। व्यक्ति ने 9.40 लाख रुपये जमा करने के बाद अपने बेटे को फोन किया। इसके बाद पता चला कि पैसे मांगने वाला उसका दोस्त नहीं है। साइबर थाने की जांच के बाद पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएचओ पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि ठगी शिकार क्षेत्र निवासी हरविंदर पाल सिंह छतवाल हुए हैं। गत नौ जून को उनकी पत्नी के पास किसी सरब का फोन आया था। सरब ने कहा कि वह उनके बेटे हरप्रीत का दोस्त बोल रहा है। सरब नाम के हरप्रीत के दोस्त को छतवाल का परिवार भलीभांति जानता था। उसने कहा कि वह कनाडा में एक जमीन खरीद रहा है। इसकी कीमत 80 लाख रुपये के आसपास है। इस सौदे में 15 लाख रुपये कम पड़ रहे हैं। उसने यह पैसा अपने खाते में डालने के लिए कहा।
उसने इसके लिए भारतीय बैंक का खाता नंबर दिया। पूछने पर उसने कहा कि यह उनके रिश्तेदार का नंबर है बाकी पैसों के साथ यह पैसा भी वह भेज देंगे। विश्वास करते हुए छतवाल परिवार ने इस खाते में 9.40 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे हरप्रीत से पूछा तो उसने बताया कि यह वह सरब नहीं है, जो उसका दोस्त है। यह सुनकर छतवाल परिवार सन्न रह गया। उन्हें समझ आ गया कि उनकी गाढ़ी कमाई किसी ठग के खाते में चली गई है।
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एसएचओ पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि ठगी शिकार क्षेत्र निवासी हरविंदर पाल सिंह छतवाल हुए हैं। गत नौ जून को उनकी पत्नी के पास किसी सरब का फोन आया था। सरब ने कहा कि वह उनके बेटे हरप्रीत का दोस्त बोल रहा है। सरब नाम के हरप्रीत के दोस्त को छतवाल का परिवार भलीभांति जानता था। उसने कहा कि वह कनाडा में एक जमीन खरीद रहा है। इसकी कीमत 80 लाख रुपये के आसपास है। इस सौदे में 15 लाख रुपये कम पड़ रहे हैं। उसने यह पैसा अपने खाते में डालने के लिए कहा।
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उसने इसके लिए भारतीय बैंक का खाता नंबर दिया। पूछने पर उसने कहा कि यह उनके रिश्तेदार का नंबर है बाकी पैसों के साथ यह पैसा भी वह भेज देंगे। विश्वास करते हुए छतवाल परिवार ने इस खाते में 9.40 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे हरप्रीत से पूछा तो उसने बताया कि यह वह सरब नहीं है, जो उसका दोस्त है। यह सुनकर छतवाल परिवार सन्न रह गया। उन्हें समझ आ गया कि उनकी गाढ़ी कमाई किसी ठग के खाते में चली गई है।
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