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एनएचएम योजनाओं का होगा सोशल आडिट
Updated Wed, 10 Oct 2018 01:44 AM IST
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एनएचएम योजनाओं का होगा सोशल आडिट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकार ने ग्राम्य विकास व पंचायतीराज जैसे विभागों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित कल्याणकारी योजनाओं का सोशल आडिट कराने का निर्णय लिया है। सोशल आडिट कराने की जिम्मेदारी ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत गठित स्वतंत्र एजेंसी उत्तराखंड सोशल आडिट एकाउंटबिलिटी एंड ट्रांसपरेंसी एजेेंसी (उसाटा) को सौंपी गई है।
सोशल आडिट को लेकर अपर सचिव स्वास्थ्य व एनएचएम के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत ने प्रभारी अधिकारी जन समुदाय आधारित निगरानी कार्यक्रम डॉ. पंकज कुमार सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारी सौरभ राज एवं एनएचएम अधिकारियों के साथ बैठक की। युगल किशोर पंत ने बताया कि आमजन को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती है। जिससे उन्हें इनका लाभ नहीं मिल पाता जबकि योजनाओं पर बड़ी धनराशि खर्च हो जाती है। ऐसे में योजनाओं की निगरानी व सोशल आडिट कराने से सेवाएं अच्छी होंगी। एनएचएम योजनाओं की निगरानी के लिए उसाटा की सेवाएं ली जाएंगी।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जन समुदाय आधारित निगरानी कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। बैठक में उसाटा के कार्यक्रम प्रबंधन अधिकारी मनोज गैरोला ने सोशल आडिट की जानकारी दी। बताया कि योजनाओं का सोशल आडिट कराने में उत्तराखंड का देश में तीसरा स्थान है। बैठक में संयुक्त निदेशक डॉ. वागीष काला, डॉ. बीएस टोलिया आदि अधिकारी उपस्थित थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकार ने ग्राम्य विकास व पंचायतीराज जैसे विभागों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित कल्याणकारी योजनाओं का सोशल आडिट कराने का निर्णय लिया है। सोशल आडिट कराने की जिम्मेदारी ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत गठित स्वतंत्र एजेंसी उत्तराखंड सोशल आडिट एकाउंटबिलिटी एंड ट्रांसपरेंसी एजेेंसी (उसाटा) को सौंपी गई है।
सोशल आडिट को लेकर अपर सचिव स्वास्थ्य व एनएचएम के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत ने प्रभारी अधिकारी जन समुदाय आधारित निगरानी कार्यक्रम डॉ. पंकज कुमार सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारी सौरभ राज एवं एनएचएम अधिकारियों के साथ बैठक की। युगल किशोर पंत ने बताया कि आमजन को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती है। जिससे उन्हें इनका लाभ नहीं मिल पाता जबकि योजनाओं पर बड़ी धनराशि खर्च हो जाती है। ऐसे में योजनाओं की निगरानी व सोशल आडिट कराने से सेवाएं अच्छी होंगी। एनएचएम योजनाओं की निगरानी के लिए उसाटा की सेवाएं ली जाएंगी।
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डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जन समुदाय आधारित निगरानी कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। बैठक में उसाटा के कार्यक्रम प्रबंधन अधिकारी मनोज गैरोला ने सोशल आडिट की जानकारी दी। बताया कि योजनाओं का सोशल आडिट कराने में उत्तराखंड का देश में तीसरा स्थान है। बैठक में संयुक्त निदेशक डॉ. वागीष काला, डॉ. बीएस टोलिया आदि अधिकारी उपस्थित थे।
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