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हरेला महोत्सव में बिखरे लोक संस्कृति के रंग

Tue, 24 Jul 2018 02:24 AM IST
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:24 AM IST
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हरेला महोत्सव में बिखरे लोक संस्कृति के रंग
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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धाद की ओर से सोमवार को डिफेंस कॉलोनी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में हरेला महोत्सव का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों से सजे-धजे छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। विद्यालय परिसर में पहाड़ी पकवानों के स्टॉल भी लगाए गए, जिनमें छात्र-छात्राओं ने कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ प्रस्तुत किए। इस दौरान स्कूल में 250 छात्र-छात्राओं के साथ हरेला क्लब का गठन किया गया। गठन अमर उजाला इस आयोजन का मीडिया पार्टनर है।
माहभर तक आयोजित होने वाले हरेला महोत्सव के तहत सोमवार को स्कूली बच्चों ने ‘हे सरस्वती दैणी ह्वे जाई’ के साथ हरेला कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद शरद, ध्रुव, प्रांजल, अनमोल, सोनाली, ऋचा और कशिश ने गढ़वाली लोकगीतों पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। ढोल-दमाऊ की थाप पर छात्र-छात्राओं ने सुंदर नृत्य किया। आयुष बलूनी और खुशी काला के नृत्य की दर्शकों ने जमकर सराहना की।
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धाद लोक कला केंद्र की रीता भंडारी और विमला नेगी ने सुंदर लोकगीत प्रस्तुत किए। विद्यालय की प्रधानाचार्या सारिका मोहन बेंबे ने धाद और छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक संस्कृति, कला, गीत-संगीत, वेशभूषा, आभूषण, पकवान की जानकारी छात्र-छात्राओं को देने के लिए समय-समय पर ऐसे आयोजन होने चाहिए। विद्यालय में इस तरह की गतिविधियां नियमित तौर पर होती हैं, जिसके चलते छात्र-छात्राओं ने देश में कई आकर्षक और प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते हैं।
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धाद के संस्थापक लोकेश नवानी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में भौगालिक परिस्थितियों के आधार पर पर्व आयोजित किए जाते हैं। हिमालय में हरेला इसी तरह का पर्व है। सचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि विद्यालय का वातावरण बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने के लिए मुफीद है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से हरेला क्लब का सदस्य बनने और प्रदेश की संस्कृति व पर्यावरण के लिए काम करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डीसी नौटियाल, नवीन नौटियाल, धरम सिंह राणा, विजय जुयाल, नंदिरा अरोड़ा, राखी काला, वैभव आर्य, अमित धीमान, मयूर शर्मा, ऋतु सिंह, पूनम मेहता, पूनम गुप्ता, रजनी ठाकुर, दीपिका नेगी, चंदा डोरा, पुनेश शैली भाटिया, आशा उनियाल, अनुराधा, नीतू परिहार, मोनिशा, अनुराधा नेगी, जयदीप समेत अन्य मौजूद रहे।

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पकवानों की खुशबू ने लुभाया
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं का उत्तराखंडी भोजन का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा। छात्र-छात्राएं घर से कोदे की रोटी, उड़द की पकौड़ी, झंगोरे की खीर, चैंसू, फाणु, पहाड़ी रायता, आलू व मूले की थिंच्वाणी समेत अन्य पकवान तैयार कर लाए थे। शिक्षकों ने बताया कि छात्र कई राज्यों में इस तरह की खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगा चुके हैं।
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