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राज्य के 170 करोड़ दबाए बैठी है यूपी सरकार

Sun, 17 Jun 2018 02:04 AM IST
Updated Sun, 17 Jun 2018 02:04 AM IST
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राज्य के 170 करोड़ दबाए बैठी है यूपी सरकार
राज्य के 170 करोड़ दबाए बैठी है यूपी सरकार
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) के सैकड़ों कर्मचारियों का 170 करोड़ रुपये का जीपीएफ और ईपीएफ यूपी सरकार दबाए बैठी है। प्रकरण को सुलझाने को लेकर दोनों राज्यों के आला अफसरों के बीच कई दौर की वार्ताएं भी हो चुकी हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है। इस प्रकरण को सुलझाने के लिए दोनों राज्यों के आला अफसरों की एक बार फिर बैठक होने जा रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य गठन से पूर्व यूपी जल विद्युत निगम के कर्मचारियों को वेतन भुगतान के साथ ही जीपीएफ और ईपीएफ कटौती की जाती थी। अलग राज्य के गठन के बाद यूपी जल विद्युत निगम का बंटवारा हो गया। जिसके बाद उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) का गठन किया गया और यहां के हिस्से में आए कर्मचारी उसमें समायोजित कर दिए गए। जब यूजेवीएनएल के कर्मचारियों सेवानिवृत्त होने लगे तो उनके जीपीएफ और ईपीएफ का भुगतान में पेंच फंस गया।
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उत्तराखंड जल विद्युत निगम ने जब कर्मचारियों के वेतन से काटे गए जीपीएफ का पैसा मांगा तो यूपी सरकार ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रकरण को सुलझाने को लेकर दोनों राज्यों के प्रमुख सचिवों, जल विद्युत निगम के अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। इस मामले को निपटाने के लिए आला अफसर एक बार फिर कवायद में जुट गए हैं।
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उत्तराखंड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा का कहना है कि प्रकरण को सुलझाने के लिए जल्द ही यूपी सरकार से वार्ता की जाएगी। जिसमें जीपीएफ और ईपीएफ के मद में यूपी सरकार पर 170 करोड़ बकाया देने की मांग उठाई जाएगी।

बकौल प्रबंध निदेशक वर्मा यूपी सरकार यह रकम देने में आनाकानी कर रही है, जबकि जल विद्युत निगम के 35-40 कर्मचारी हर साल सेवानिवृत्त होते हैं, जिन्हें निगम की ओर से भुगतान किया जा रहा है। जल्द यूपी के अफसरों के साथ बैठक कर प्रकरण को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। यदि बात नहीं बनी तो इस संबंध में केंद्र सरकार से से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई जाएगी।

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