{"_id":"5b1057904f1c1b986e8b5a81","slug":"91527797648-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंककर्मियों की हड़ताल से तीन हजार करोड़ की चपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंककर्मियों की हड़ताल से तीन हजार करोड़ की चपत
Updated Fri, 01 Jun 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वेतन में दो फीसदी की मामूली वृद्धि के विरोध में प्रदेशभर के बैंककर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। बैंककर्मियों ने बृहस्पतिवार को परेड मैदान से लेकर गांधी पार्क तक रैली निकाली। इस दौरान केंद्र सरकार और वित्त मंत्री पर अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं दो दिनी हड़ताल से प्रदेश में कुल तीन करोड़ के नुकसान की बात कही जा रही है। दूसरी ओर बैंककर्मियों ने शुक्रवार से हड़ताल समाप्त करने की बात कह रहे हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बृहस्पतिवार को राज्य की 1864 बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं हुआ। हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉर्डिनेशन कमेटी, नेशनल कंफेडेरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन, नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स, नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर, इंडियन नेशनल बैंक इंप्लाइज कॉर्डिनेशन कमेटी शामिल रही। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक जगमोहन मेंदीरत्ता का कहना है कि 15 फीसदी वेतन वृद्धि को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। सरकार बैंक घाटे में होने की झूठी खबर फैला रही है। हड़ताल में विजय कुमार गुप्ता, शार्दुल ढौंडियाल, पीआर कुकरेती, ललित बडोनी आरपी शर्मा, सोन सिंह रजवार, बीपी सुंद्रियाल, राजन पुंडीर, समदर्शी बड़थ्वाल, कमल तोमर, आरके गैरोला, सीके जोशी, हरिओम रेखी, राजन पुृंडीर, कुंदन सिंह, इंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मी शामिल रहे। वहीं बैंककर्मियों की दो दिन की हड़ताल के चलते शहर के अधिकतर एटीएम खाली हो गए। नकदी निकालने को लेकर ग्राहक एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर काटते रहे।
विज्ञापन
वेतन में दो फीसदी की मामूली वृद्धि के विरोध में प्रदेशभर के बैंककर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। बैंककर्मियों ने बृहस्पतिवार को परेड मैदान से लेकर गांधी पार्क तक रैली निकाली। इस दौरान केंद्र सरकार और वित्त मंत्री पर अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं दो दिनी हड़ताल से प्रदेश में कुल तीन करोड़ के नुकसान की बात कही जा रही है। दूसरी ओर बैंककर्मियों ने शुक्रवार से हड़ताल समाप्त करने की बात कह रहे हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बृहस्पतिवार को राज्य की 1864 बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं हुआ। हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉर्डिनेशन कमेटी, नेशनल कंफेडेरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन, नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स, नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर, इंडियन नेशनल बैंक इंप्लाइज कॉर्डिनेशन कमेटी शामिल रही। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक जगमोहन मेंदीरत्ता का कहना है कि 15 फीसदी वेतन वृद्धि को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। सरकार बैंक घाटे में होने की झूठी खबर फैला रही है। हड़ताल में विजय कुमार गुप्ता, शार्दुल ढौंडियाल, पीआर कुकरेती, ललित बडोनी आरपी शर्मा, सोन सिंह रजवार, बीपी सुंद्रियाल, राजन पुंडीर, समदर्शी बड़थ्वाल, कमल तोमर, आरके गैरोला, सीके जोशी, हरिओम रेखी, राजन पुृंडीर, कुंदन सिंह, इंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मी शामिल रहे। वहीं बैंककर्मियों की दो दिन की हड़ताल के चलते शहर के अधिकतर एटीएम खाली हो गए। नकदी निकालने को लेकर ग्राहक एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर काटते रहे।
विज्ञापन