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अपनों के खिलाफ लड़ा जा रहा गैरसैंण का ‘धर्मयुद्ध’

Fri, 23 Feb 2018 01:52 AM IST
Updated Fri, 23 Feb 2018 01:52 AM IST
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अपनों के खिलाफ लड़ा जा रहा गैरसैंण का ‘धर्मयुद्ध’
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन गति पकड़ने लगा है। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में युवाओं के साथ ही पहाड़ के विकास की सोच रखने वाले लोग एकजुट होने लगे हैं। इसे गैरसैंण के धर्मयुद्ध की संज्ञा दी जा रही है। आंदोलनकारियों का तर्क है कि महाभारत की तरह यहां भी हम अपनों से ही लड़ रहे हैं। यहां सरकार भी अपनी है और विपक्ष भी। अधिकारी भी अपने हैं और नेता भी।
गैरसैंण को राजधानी घोषित करने के लिए आंदोलन की सुगबुगाहट देहरादून में लंबे समय से हो रही थी। करीब ढाई माह पहले हिंदी भवन में परिचर्चा के साथ गैरसैंण राजधानी आंदोलन की शुरुआत हुई। इसके बाद आंदोलनकारियों ने गांधी पार्क से घंटाघर तक ढोल दमौ के साथ रैली निकाली और गैरसैंण विरोधी विचार का पुतला दहन किया। अगले दिन कैंडल मार्च निकाल राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। आंदोलनकारियों को जोड़ने के लिए युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया और इसकी शुरुआत प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी से हुई।
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तमाम छात्र संगठनों को एक मंच पर लाकर आंदोलन को गति देने का प्रयास किया गया। अब आंदोलन से जुड़े सचिन थपलियाल, रघुवीर बिष्ट, देवेंद्र नेगी, सूरज भट्ट, सुमन नेगी, प्रिया चमोला, लुशुन टोडरिया, सूरज गुसाईं, प्रदीप, मदन भंडारी, महेशानंद, पीसी थपलियाल, जगमोहन मेंदीरत्ता, मोहन भुलानी जनता दरबार में सीएम और मंत्रियों के घेराव की रणनीति बना रहे हैं। सचिन ने बताया कि आंदोलनकारी सभी 71 विधायकों के पास जाकर गैरसैंण राजधानी पर उनकी राय पूछेंगे।
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उत्तर प्रदेश के समय का आंदोलन आज से काफी अलग था। आज तो सरकार और शासन में सब उत्तराखंड के लोग हैं। ऐसे में हमें उनके खिलाफ उतरकर गैरसैंण आंदोलन की मांग को धार देनी पड़ रही है। कई लोग विरोध करते हैं कि हम अपने लोगों के खिलाफ उतरे हैं, लेकिन यह किसी एक आदमी या संगठन की लड़ाई नहीं, बल्कि यह पहाड़ की अस्मिता की लड़ाई है।

-सचिन थपलियाल, आंदोलनकारी
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गैरसैंण पर आप भी खुलकर बोलिए
गैरसैंण राजधानी के सवाल पर अगर आप भी कुछ कहना चाहते हैं तो ई-मेल और व्हाट्सएप के जरिये अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। आप anilc@ddn.amarujala.com पर मेल कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 8534936955 और 9456546277 पर व्हाट्सएप भी कर सकते हैं।
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