{"_id":"5a3ebc444f1c1bfc0f8b598a","slug":"91514060868-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-खनिज क्षेत्र के जर्जर विद्यालय होंगे चकाचक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-खनिज क्षेत्र के जर्जर विद्यालय होंगे चकाचक
Updated Sun, 24 Dec 2017 02:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खनिज क्षेत्र के जर्जर विद्यालय होंगे चकाचक
ब्यूरो/अमर उजाला/ देहरादून।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत खनिज क्षेत्रों से मिलने वाली रायल्टी का कुछ अंश जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए दिया जाएगा। इसमें खनिज क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों के भवनों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह निर्णय शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि योजना में खनिज क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों के जर्जर भवनों के साथ ही शिक्षण संस्थाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, कला एवं हस्तकक्ष, सामूहिक शौचालयों, आवासीय छात्रावास को शामिल किया जाएगा। इसे लेकर जिला खान अधिकारी को मुख्य शिक्षाधिकारी से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे खनिज क्षेत्र के विद्यालयों को चिह्नित कर उन्हें योजना में शामिल किया जा सके। योजना के तहत पेयजल योजनाएं, सड़क एवं स्वास्थ्य से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरविंद पांडेय, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. एसबी जोशी, जिला खान अधिकारी सुनील पंवार आदि मौजूद रहे।
-------
प्रबंधन समिति में ये रहेंगे शामिल
उत्तराखंड जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली तैयार कर ली गई है। इसके तहत प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इसमें जिले के जिलाधिकारी समिति के सदस्य हैं। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी तथा संबंधित खनिज क्षेत्र के ग्राम प्रधान, मुख्य चिकित्साधिकारी, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, पेयजल विभाग, विद्युत विभाग, लोनिवि के अधिशासी अभियंता तथा जिला शिक्षाधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, उत्तराखंड पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड, ज्येष्ठ खान अधिकारी समिति के सदस्य नामित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/ देहरादून।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत खनिज क्षेत्रों से मिलने वाली रायल्टी का कुछ अंश जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए दिया जाएगा। इसमें खनिज क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों के भवनों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह निर्णय शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि योजना में खनिज क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों के जर्जर भवनों के साथ ही शिक्षण संस्थाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, कला एवं हस्तकक्ष, सामूहिक शौचालयों, आवासीय छात्रावास को शामिल किया जाएगा। इसे लेकर जिला खान अधिकारी को मुख्य शिक्षाधिकारी से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे खनिज क्षेत्र के विद्यालयों को चिह्नित कर उन्हें योजना में शामिल किया जा सके। योजना के तहत पेयजल योजनाएं, सड़क एवं स्वास्थ्य से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरविंद पांडेय, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. एसबी जोशी, जिला खान अधिकारी सुनील पंवार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
-------
प्रबंधन समिति में ये रहेंगे शामिल
उत्तराखंड जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली तैयार कर ली गई है। इसके तहत प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इसमें जिले के जिलाधिकारी समिति के सदस्य हैं। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी तथा संबंधित खनिज क्षेत्र के ग्राम प्रधान, मुख्य चिकित्साधिकारी, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, पेयजल विभाग, विद्युत विभाग, लोनिवि के अधिशासी अभियंता तथा जिला शिक्षाधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, उत्तराखंड पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड, ज्येष्ठ खान अधिकारी समिति के सदस्य नामित किए गए हैं।
विज्ञापन