{"_id":"57bf17554f1c1b315fd4f06c","slug":"86-family-of-bhaktiyana-will-get-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर: हाइड्रो पॉवर कंपनी तबाही की दोषी, 86 परिवारों को मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर: हाइड्रो पॉवर कंपनी तबाही की दोषी, 86 परिवारों को मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Thu, 25 Aug 2016 09:35 PM IST
विज्ञापन
जल विद्युत परियोजना
- फोटो : demo pic
वर्ष 2013 की आपदा में प्रभावित श्रीनगर के भक्तियाना क्षेत्र के 86 परिवारों को मुआवजा मिलेगा। इन परिवारों में भवन स्वामी व किराएदार शामिल हैं। एनजीटी ने तबाही के लिए जल विद्युत परियोजना कंपनी को दोषी माना है। एनजीटी के आदेश पर अलकनंदा हाइड्रो पॉवर कंपनी 9.26 करोड़ की राशि 30 दिन के भीतर पर्यावरण राहत कोष प्राधिकरण में जमा कराएगी, जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से पीड़ितों में वितरित किया जाएगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को माटू संगठन व श्रीनगर बांध आपदा संघर्ष समिति के विमल भाई ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने अलकनंदा हाइड्रो पॉवर कंपनी को एक माह के भीतर 9.26 करोड़ रुपये सार्वजनिक देयता बीमा अधिनियम के तहत पर्यावरण राहत कोष प्राधिकरण में जमा करने के आदेश दिए हैं। जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से पीड़ित 86 परिवारों में वितरित किया जाएगा। इस मौके पर प्रेम बल्लभ काला, विजय लक्ष्मी रतूड़ी, चंद्रभानु तिवाड़ी, निर्मला नौटियाल व चंद्र मोहन भट्ट आदि शामिल थे।
विज्ञापन
यह था मामला
वर्ष 2013 जून माह की आपदा के दौरान शहरी क्षेत्र का निचला हिस्सा (भक्तियाना, शक्तिविहार ) अलकनंदा की बाढ़ में जलमग्न हो गया था। स्थानीय निवासियों ने इस आपदा के लिए जल विद्युत परियोजना कंपनी को दोषी ठहराया था, जिस पर माटू संगठन व श्रीनगर बांध आपदा संघर्ष समिति ने मुआवजे की मांग के लिए एनजीटी में याचिका दायर की थी।
विज्ञापन