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फटकार के बाद जमा कराई तीन करोड़ की धनराशि
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:48 AM IST
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फटकार के बाद जमा कराई तीन करोड़ की धनराशि
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कैंपा योजना के तहत प्रभागीय वनाधिकारियों को पौधरोपण समेत कई अन्य कार्यों के लिए जारी बजट को 16 प्रभागीय वनाधिकारियों ने नियमों के विपरीत बैंक से नगद में आहरित कर लिया। कई ने तो खर्च भी कर डाला। प्रकरण प्रमुख वन संरक्षक के संज्ञान में आने के बाद प्रभागीय वनाधिकारियों को आहरित की गई तीन करोड़ की धनराशि बैंकों में दोबारा जमा करानी पड़ी।
कैंपा योजना के तहत विभागीय अधिकारियों को पौधरोपण, सड़क निर्माण, चेकडैम निर्माण, नाली व खड़ंजा निर्माण समेत कई योजनाओं के लिए बजट जारी किया गया था, लेकिन राज्य के 16 प्रभागीय वनाधिकारियों ने वित्त नियमावली के विपरीत बजट को नगद में आहरित कर लिया। यह धनराशि तीन करोड़ बताई गई है। जबकि प्रावधानों के तहत 2000 से अधिक की धनराशि नगद में नहीं आहरित की जा सकती है। प्रकरण कैंपा सीईओ समीर सिन्हा के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने प्रभारियों वनाधिकारियों की इस करतूत पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रमुख वन संरक्षक जयराज को पत्र लिखा।
इस पर प्रमुख वन संरक्षक ने प्रभागीय वन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह आहरित की गई धनराशि को तत्काल संबंधित बैंक खातों में जमा कराएं। अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश के बाद सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को आहरित की गई धनराशि बैंकों में जमा करानी पड़ी। कैंपा सीईओ समीर सिन्हा का कहना है कि योजना के तहत जो भी बजट जारी किया जा रहा है, उसे वित्त नियमावली के तहत ही खर्च किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कैंपा योजना के तहत प्रभागीय वनाधिकारियों को पौधरोपण समेत कई अन्य कार्यों के लिए जारी बजट को 16 प्रभागीय वनाधिकारियों ने नियमों के विपरीत बैंक से नगद में आहरित कर लिया। कई ने तो खर्च भी कर डाला। प्रकरण प्रमुख वन संरक्षक के संज्ञान में आने के बाद प्रभागीय वनाधिकारियों को आहरित की गई तीन करोड़ की धनराशि बैंकों में दोबारा जमा करानी पड़ी।
कैंपा योजना के तहत विभागीय अधिकारियों को पौधरोपण, सड़क निर्माण, चेकडैम निर्माण, नाली व खड़ंजा निर्माण समेत कई योजनाओं के लिए बजट जारी किया गया था, लेकिन राज्य के 16 प्रभागीय वनाधिकारियों ने वित्त नियमावली के विपरीत बजट को नगद में आहरित कर लिया। यह धनराशि तीन करोड़ बताई गई है। जबकि प्रावधानों के तहत 2000 से अधिक की धनराशि नगद में नहीं आहरित की जा सकती है। प्रकरण कैंपा सीईओ समीर सिन्हा के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने प्रभारियों वनाधिकारियों की इस करतूत पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रमुख वन संरक्षक जयराज को पत्र लिखा।
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इस पर प्रमुख वन संरक्षक ने प्रभागीय वन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह आहरित की गई धनराशि को तत्काल संबंधित बैंक खातों में जमा कराएं। अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश के बाद सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को आहरित की गई धनराशि बैंकों में जमा करानी पड़ी। कैंपा सीईओ समीर सिन्हा का कहना है कि योजना के तहत जो भी बजट जारी किया जा रहा है, उसे वित्त नियमावली के तहत ही खर्च किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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