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डीपीसी न होने से अधर में लटकी 14 अफसरों की पदोन्नति
Updated Mon, 07 May 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
परिवहन विभाग में डीपीसी न होने से 14 अधिकारियों की पदोन्नति पिछले कई सालों अधर में लटकी है। दो महा प्रबंधकों समेत 14 अधिकारियों के खाली पदों पर पदोन्नति के लिए डीपीसी को लेकर बैठक कई बार बुलाई गई, लेकिन हर बार कोरम पूरा नहीं होने की वजह से अधिकारियों की डीपीसी नहीं हो सकी। पदोन्नति नहीं होने से जहां विभागीय अफसराें में निराशा की स्थिति है, वही विभाग और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उत्तराखंड परिवहन विभाग में महा प्रबंधकों के दो पद, उप महा प्रबंधकों के सात पद, सहायक महा प्रबंधकों तीन पद और सहायक लेखा अधिकारियों के दो पदों के लिए डीपीसी होनी है। पदोन्नति के लिए शासन स्तर से अधिकारियों के कागजात भी मांगने पर मुख्यालय की ओर से अधिकारियों की वार्षिक चरित्र पंजिका समेत तमाम कागजात शासन को मुहैया कराए गए। शासन स्तर पर कई बार डीपीसी की बैठक बुलाई गई, लेकिन हर बार कोरम पूरा नही होने से डीपीसी नहीं हो सकी। पदोन्नति न होने के चलते कुछ अफसरों ने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया। अदालत ने सुनवाई करते हुए 90 दिनों के भीतर डीपीसी कर पदोन्नति संबंधित निर्णय लेने का आदेश दिया। जिसकी अवधि 10 अप्रैल को पूरी हो चुकी है, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद न तो डीपीसी हुई और न ही अफसरों को को पदोन्नति दी गई। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक बीके संत का कहना है कि पिछले दिनों डीपीसी की बैठक बुलाई गई थी। लेकिन कमेटी के सदस्य एवं अपर सचिव के कर्नाटक चुनाव में ड्यूटी पर होने की वजह से बैठक नहीं हो सकी। अब वह लौट आए हैं तो जल्द ही डीपीसी की बैठक बुलाई जाएगी और पदोन्नति के संबंध में फैसला लिया जाएगा। इस संबंध में अदालत को भी अवगत करा दिया गया है।
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परिवहन विभाग में डीपीसी न होने से 14 अधिकारियों की पदोन्नति पिछले कई सालों अधर में लटकी है। दो महा प्रबंधकों समेत 14 अधिकारियों के खाली पदों पर पदोन्नति के लिए डीपीसी को लेकर बैठक कई बार बुलाई गई, लेकिन हर बार कोरम पूरा नहीं होने की वजह से अधिकारियों की डीपीसी नहीं हो सकी। पदोन्नति नहीं होने से जहां विभागीय अफसराें में निराशा की स्थिति है, वही विभाग और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उत्तराखंड परिवहन विभाग में महा प्रबंधकों के दो पद, उप महा प्रबंधकों के सात पद, सहायक महा प्रबंधकों तीन पद और सहायक लेखा अधिकारियों के दो पदों के लिए डीपीसी होनी है। पदोन्नति के लिए शासन स्तर से अधिकारियों के कागजात भी मांगने पर मुख्यालय की ओर से अधिकारियों की वार्षिक चरित्र पंजिका समेत तमाम कागजात शासन को मुहैया कराए गए। शासन स्तर पर कई बार डीपीसी की बैठक बुलाई गई, लेकिन हर बार कोरम पूरा नही होने से डीपीसी नहीं हो सकी। पदोन्नति न होने के चलते कुछ अफसरों ने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया। अदालत ने सुनवाई करते हुए 90 दिनों के भीतर डीपीसी कर पदोन्नति संबंधित निर्णय लेने का आदेश दिया। जिसकी अवधि 10 अप्रैल को पूरी हो चुकी है, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद न तो डीपीसी हुई और न ही अफसरों को को पदोन्नति दी गई। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक बीके संत का कहना है कि पिछले दिनों डीपीसी की बैठक बुलाई गई थी। लेकिन कमेटी के सदस्य एवं अपर सचिव के कर्नाटक चुनाव में ड्यूटी पर होने की वजह से बैठक नहीं हो सकी। अब वह लौट आए हैं तो जल्द ही डीपीसी की बैठक बुलाई जाएगी और पदोन्नति के संबंध में फैसला लिया जाएगा। इस संबंध में अदालत को भी अवगत करा दिया गया है।
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