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रायपुर, मसूरी और डोईवाला अस्पताल को मिला पुरस्कार
Updated Sat, 21 Apr 2018 02:32 AM IST
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रायपुर, मसूरी और डोईवाला अस्पताल को मिला पुरस्कार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
केंद्र सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों निजी अस्पतालों की तर्ज पर साफ-सुथरा रखने पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत साफ-सुथरे अस्पतालों को चिन्हित कर प्रशस्ति पत्र और बजट के अतिरिक्त धनराशि भी मिलेगी। योजना के पहले चरण में जिले के रायपुर, मसूरी और डोईवाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को चिन्हित किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में ‘नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड’ (एनक्यूएआई) के प्रभारी डॉ. अमित के मुताबिक सरकारी अस्पतालों को साफ-सुथरा रखा जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार ने स्वच्छ-स्वस्थ और सर्वत्र योजना चलाई हुई है। इसके तहत पहले चरण में रायपुर, मसूरी और डोईवाला के अस्पतालों को चयनित किया गया है। इन सभी अस्पतालों में जारी होने बजट में योजना के तहत डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। इस बजट से अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाओें को विकसित करने और सफाई पर खर्च किया जा सकेगा। ज्ञात हो केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत देश के सरकारी अस्पतालों को ‘नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड’ के मानकों के अनुसार विकसित करना चाहती है ताकि सरकारी अस्पतालों में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं मिल सकें।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
केंद्र सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों निजी अस्पतालों की तर्ज पर साफ-सुथरा रखने पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत साफ-सुथरे अस्पतालों को चिन्हित कर प्रशस्ति पत्र और बजट के अतिरिक्त धनराशि भी मिलेगी। योजना के पहले चरण में जिले के रायपुर, मसूरी और डोईवाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को चिन्हित किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में ‘नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड’ (एनक्यूएआई) के प्रभारी डॉ. अमित के मुताबिक सरकारी अस्पतालों को साफ-सुथरा रखा जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार ने स्वच्छ-स्वस्थ और सर्वत्र योजना चलाई हुई है। इसके तहत पहले चरण में रायपुर, मसूरी और डोईवाला के अस्पतालों को चयनित किया गया है। इन सभी अस्पतालों में जारी होने बजट में योजना के तहत डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। इस बजट से अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाओें को विकसित करने और सफाई पर खर्च किया जा सकेगा। ज्ञात हो केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत देश के सरकारी अस्पतालों को ‘नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड’ के मानकों के अनुसार विकसित करना चाहती है ताकि सरकारी अस्पतालों में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं मिल सकें।
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