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पलायन आयोग का विशेषज्ञों के लिए ‘पलायन’ नहीं चलेगा
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:20 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पलायन आयोग में भर्ती को निकाले गए विज्ञापन पर पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र जुगरान ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि पलायन आयोग का विशेषज्ञों की भर्ती के लिए राज्य से बाहर पलायन घोर आपत्तिजनक है। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के छात्रों को नुकसान होगा। यहां के विश्वविद्यालयों की उपेक्षा गलत है।
रविंद्र जुगरान का कहना है कि चूंकि पलायन आयोग की स्थापना पलायन रोकने के लिए हुई है, इसलिए इसका पूरा दफ्तर भी पहाड़ में ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में भर्ती के लिए जो विज्ञापन जारी किया गया है, उसमें प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों की उपेक्षा की गई है। यहां के बजाए दूसरे राज्यों में स्थित विवि से युवाओं को बुलाना, उत्तराखंड और यहां के युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्काल इस विज्ञापन को रद्द किया जाए और प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं को शामिल होने का मौका दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पलायन रोकने को सुझाव देने में उत्तराखंड का आम आदमी ही काफी सक्षम, बाहरी राज्यों की जरूरत नहीं है।
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ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पलायन आयोग में भर्ती को निकाले गए विज्ञापन पर पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र जुगरान ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि पलायन आयोग का विशेषज्ञों की भर्ती के लिए राज्य से बाहर पलायन घोर आपत्तिजनक है। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के छात्रों को नुकसान होगा। यहां के विश्वविद्यालयों की उपेक्षा गलत है।
रविंद्र जुगरान का कहना है कि चूंकि पलायन आयोग की स्थापना पलायन रोकने के लिए हुई है, इसलिए इसका पूरा दफ्तर भी पहाड़ में ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में भर्ती के लिए जो विज्ञापन जारी किया गया है, उसमें प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों की उपेक्षा की गई है। यहां के बजाए दूसरे राज्यों में स्थित विवि से युवाओं को बुलाना, उत्तराखंड और यहां के युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्काल इस विज्ञापन को रद्द किया जाए और प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं को शामिल होने का मौका दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पलायन रोकने को सुझाव देने में उत्तराखंड का आम आदमी ही काफी सक्षम, बाहरी राज्यों की जरूरत नहीं है।
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