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गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय हो सकता है जिला अस्पताल डीजी ने कहा कोरोनेशन और गां
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:28 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
देहरादून में जिला अस्पताल बनाने की कवायद तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय या पंडित दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय में से किसी एक को जिला अस्पताल बनाने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि इस पर जल्द ही फैसला कर लिया जाएगा।
दून जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में बदले जाने के बाद से जिला अस्पताल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। पूर्व में इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून को जिला अस्पताल के लिए भूमि तलाशे जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब डालनवाला स्थित गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय या फिर पंडित दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय में से किसी एक को जिला अस्पताल बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि हाल ही में कोरोनेशन अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक खजानदास ने गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय और पंडित दीनदयाल राजकीय संयुक्त चिकित्सालय को मिलाकर जिला अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था। तब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी इस पर जल्द निर्णय का आश्वासन दिया था।
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यह भी है अड़चन
गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय 187 बेड का है। जबकि कोरोनेशन 60 बेड का अस्पताल है। गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को जिला अस्पताल बनाने में अड़चन यह है कि जिस व्यक्ति ने इसके लिए भूमि दान पर दी वे उच्च नेत्र संस्थान बनाने के लिए दी गई। वही कोरोनेशन में जिला अस्पताल के लिए पर्याप्त बेड नहीं हैं।
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देहरादून में जिला अस्पताल बनाने की कवायद तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय या पंडित दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय में से किसी एक को जिला अस्पताल बनाने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि इस पर जल्द ही फैसला कर लिया जाएगा।
दून जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में बदले जाने के बाद से जिला अस्पताल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। पूर्व में इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून को जिला अस्पताल के लिए भूमि तलाशे जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब डालनवाला स्थित गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय या फिर पंडित दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय में से किसी एक को जिला अस्पताल बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि हाल ही में कोरोनेशन अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक खजानदास ने गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय और पंडित दीनदयाल राजकीय संयुक्त चिकित्सालय को मिलाकर जिला अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था। तब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी इस पर जल्द निर्णय का आश्वासन दिया था।
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यह भी है अड़चन
गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय 187 बेड का है। जबकि कोरोनेशन 60 बेड का अस्पताल है। गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को जिला अस्पताल बनाने में अड़चन यह है कि जिस व्यक्ति ने इसके लिए भूमि दान पर दी वे उच्च नेत्र संस्थान बनाने के लिए दी गई। वही कोरोनेशन में जिला अस्पताल के लिए पर्याप्त बेड नहीं हैं।
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