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पुस्ता ढहा, ट्रांसफर गिरा
Updated Sun, 09 Jul 2017 09:43 PM IST
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कोटद्वार। ग्राम पंचायत काशीरामपुर तल्ला गांव में पेयजल निगम की ओर से छह माह पहले दस लाख रुपये की लागत से बना पुस्ता पहली बारिश में ही धराशायी हो गया। पुस्ता ढहने से विद्युत ट्रांसफार्मर भी जमीन पर गिर गया, जिससे पूरे क्षेत्र में रातभर विद्युत आपूर्ति ठप रही। मकान के नजदीक टहल रहे बच्चों ने भागकर जान बचाई।
शनिवार रात के करीब आठ बजे काशीरामपुर तल्ला में पुस्ते के नजदीक घरों में बैठे लोगों में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों ने पत्थरों के गिरने की तेज आवाज के साथ बिजली के ट्रांसफार्मर से चिंगारी निकलते देखी। अनहोनी के भय से लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बाहर का नजारा देखकर लोगों के होश उड़ गए पुस्ते का एक हिस्सा ट्रांसफार्मर के साथ सड़क पर गिरा हुआ था। लोगों ने इसकी सूचना ऊर्जा निगम को दी।
ग्राम प्रधान सुनीता देवी, सुनील रावत, विनेश बिंजोला व देवेंद्र सिंह नेगी ने निगम पर मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि छह माह पहले लाखों की लागत से पुस्ते का निर्माण कराया गया था। विभाग द्वारा पुरानी दीवार के ऊपर ही पुस्ते का निर्माण कर दिया गया। उस समय इसका विरोध किया गया था, लेकिन ठेेकेदार और विभाग के अधिकारियों ने लोगों की एक नहीं सुनी। इसके ढहने से गांव का रास्ता बंद हो गया है। ट्रांसफार्मर गिरने से क्षेत्र में शनिवार रात से बिजली ठप है, जिसके कारण ग्रामीणों को अनेक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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उधर, पेयजल निगम की सहायक अभियंता सरिता गुप्ता ने बताया कि उन्हें पुस्ता ढहने की जानकारी मिली है। करीब दस लाख की लागत से पुस्ता बनाया गया था। ठेकेदार से दोबारा पुस्ता बनवाया जाएगा।
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शनिवार रात के करीब आठ बजे काशीरामपुर तल्ला में पुस्ते के नजदीक घरों में बैठे लोगों में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों ने पत्थरों के गिरने की तेज आवाज के साथ बिजली के ट्रांसफार्मर से चिंगारी निकलते देखी। अनहोनी के भय से लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बाहर का नजारा देखकर लोगों के होश उड़ गए पुस्ते का एक हिस्सा ट्रांसफार्मर के साथ सड़क पर गिरा हुआ था। लोगों ने इसकी सूचना ऊर्जा निगम को दी।
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ग्राम प्रधान सुनीता देवी, सुनील रावत, विनेश बिंजोला व देवेंद्र सिंह नेगी ने निगम पर मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि छह माह पहले लाखों की लागत से पुस्ते का निर्माण कराया गया था। विभाग द्वारा पुरानी दीवार के ऊपर ही पुस्ते का निर्माण कर दिया गया। उस समय इसका विरोध किया गया था, लेकिन ठेेकेदार और विभाग के अधिकारियों ने लोगों की एक नहीं सुनी। इसके ढहने से गांव का रास्ता बंद हो गया है। ट्रांसफार्मर गिरने से क्षेत्र में शनिवार रात से बिजली ठप है, जिसके कारण ग्रामीणों को अनेक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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उधर, पेयजल निगम की सहायक अभियंता सरिता गुप्ता ने बताया कि उन्हें पुस्ता ढहने की जानकारी मिली है। करीब दस लाख की लागत से पुस्ता बनाया गया था। ठेकेदार से दोबारा पुस्ता बनवाया जाएगा।