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भूस् खलन क्षेत्र के सुधारीकरण में जुटे ग्रामीण
Updated Wed, 28 Jun 2017 10:31 PM IST
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गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर गडोरा गांव को भूस्खलन से हो रहे खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने स्वयं ही भूस्खलन का सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बाद भी इसका इसका ट्रीटमेंट शुरू नहीं किया गया। ऐसे में अब स्वयं ही भूस्खलन क्षेत्र में दीवार निर्माण और गदेरे को दूसरी ओर मोड़ने का काम शुरू कर दिया है।
गडोरा गांव में छीड़ा गदेरे के कटाव से भूस्खलन हो रहा है, जिससे यहां रह रहे 25 परिवारों के मकानों के साथ ही जीआईसी गडोरा के भवनों को भी खतरा बना है। वर्ष 2013 की आपदा के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दशोली ब्लॉक को यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए तीन लाख रुपये की धनराशि दी गई, लेकिन यहां बाढ़ सुरक्षा आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। गडोरा गांव की उप प्रधान बोधनी देवी, संतोष डबराल, सुनीता देवी, प्रभा, सुलोचना, लक्ष्मी, सुशीला, स्मिता देवी और दिनेश डबराल का कहना है कि हल्की बारिश होने पर भी गदेरे से भूस्खलन हो रहा है। जिला प्रशासन से कोई मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं ही श्रमदान कर भूस्खलन क्षेत्र की दीवार और गदेरे को दूसरी ओर मोड़ने का कार्य शुरू किया है। ग्रामीण स्वयं ही निर्माण के लिए सामान जुटा रहे हैं। इधर दशोली ब्लॉक के बीडीओ एमपी भट्ट का कहना है कि छीड़ा गदेरे के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य किया गया था। ठेकेदार की ओर से कार्य आधा-अधूरा छोड़ा गया। ठेकेदार को पूर्ण भुगतान भी नहीं किया गया है। शीघ्र निरीक्षण कर कार्य पूर्ण करवाया जाएगा।
गडोरा गांव में छीड़ा गदेरे के कटाव से भूस्खलन हो रहा है, जिससे यहां रह रहे 25 परिवारों के मकानों के साथ ही जीआईसी गडोरा के भवनों को भी खतरा बना है। वर्ष 2013 की आपदा के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दशोली ब्लॉक को यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए तीन लाख रुपये की धनराशि दी गई, लेकिन यहां बाढ़ सुरक्षा आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। गडोरा गांव की उप प्रधान बोधनी देवी, संतोष डबराल, सुनीता देवी, प्रभा, सुलोचना, लक्ष्मी, सुशीला, स्मिता देवी और दिनेश डबराल का कहना है कि हल्की बारिश होने पर भी गदेरे से भूस्खलन हो रहा है। जिला प्रशासन से कोई मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं ही श्रमदान कर भूस्खलन क्षेत्र की दीवार और गदेरे को दूसरी ओर मोड़ने का कार्य शुरू किया है। ग्रामीण स्वयं ही निर्माण के लिए सामान जुटा रहे हैं। इधर दशोली ब्लॉक के बीडीओ एमपी भट्ट का कहना है कि छीड़ा गदेरे के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य किया गया था। ठेकेदार की ओर से कार्य आधा-अधूरा छोड़ा गया। ठेकेदार को पूर्ण भुगतान भी नहीं किया गया है। शीघ्र निरीक्षण कर कार्य पूर्ण करवाया जाएगा।
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