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उत्तराखंड में आर्थिक संकट, 80 हजार शिक्षकों का वेतन खतरे में
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 12 Jun 2016 02:05 AM IST
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वेतन पर खतरा
प्रदेश में 80 हजार से अधिक शिक्षकों और विभाग के कर्मचारियों को अगले महीने से वेतन के लाले पड़ सकते हैं। जून में केंद्र से मिला लेखानुदान समाप्त होने से अन्य महकमों में भी वेतन एवं योजनाओं को लेकर चिंता गहराने लगी है। राज्य सरकार जल्द ही अनुपूरक बजट न लाई तो यह तय है कि लाखों कर्मचारियों की अगले महीने की तनख्वाह मिलनी मुश्किल हो जाएगी।
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प्रदेश में सियासी संकट के दौरान विधान सभा में बजट पास हुआ या नहीं इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। राष्ट्रपति शासन लगने के दौरान केंद्र की ओर से विनियोग विधेयक पास किया गया।
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सरकार को लाना होगा अनुपूरक बजट
कर्मचारियों अधिकारियों के वेतन एवं अन्य मदों के लिए मार्च से जून तक के लिए लेखानुदान मिला, लेकिन अगले महीने की कर्मचारियों की तनख्वाह एवं विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए राज्य सरकार को अब हर हाल में अनुपूरक बजट लाना होगा।
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शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि विभाग में पहले ही शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है, रमसा और एसएसए की विभिन्न योजनाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि उधार में विभाग का काम चल रहा है।
इनका है कहना
शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है, खासकर एसएसए के शिक्षकों को वेतन के लिए तीन से चार महीने इंतजार करना पड़ रहा है।
-अतुल शर्मा, शिक्षक नेता, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ