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पीएमयू करेगी योजनाओं की मानीटरिंग
Updated Wed, 24 Oct 2018 02:08 AM IST
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पीएमयू करेगी योजनाओं की मानीटरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की ओर से ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएन में संचालित योजनाआें की मानीटरिंग के लिए प्रोजेक्ट मानीटरिंग यूनिट (पीएमयू) का गठन किया जाएगा। पीएमयू के गठन को लेकर पिटकुल व यूपीसीएल की ओर से एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिस पर शासन स्तर पर मंथन जारी है। पीएमयू में आईएएस अधिकारियों के अलावा तीनों निगमों के अधिकारियों, अभियंताओं को भी शामिल किए जाने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि ऊर्जा विभाग के तीनाें निगमों में कई ऐसी योजनाएं संचालित की जा रही है जिन्हेें एडीबी की ओर से बजट मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन एडीबी की ओर से इन योजनाओं की सीधे तौर पर मानीटरिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में एडीबी अफसरों का योजनाओं व बजट की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
एडीबी ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह अपने स्तर पर प्रोजेक्ट मानीटरिंग यूनिट (पीएमयू) का गठन करे ताकि योजनाआें की मानीटरिंग की जा सके। सूत्रों के मुताबिक शहरी विकास विभाग की तर्ज पर ऊर्जा विभाग में पीएमयू का गठन किया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज भी दिया गया है। हालांकि शासन स्तर पर इस प्रस्ताव में संशोधन कर इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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सूत्रों की मानें तो पीएमयू में शासन स्तर के अधिकारियों के अलावा यूपीसीएल, यूजेवीएनएन व पिटकुल के अधिकारियों, अभियंताओं को शामिल किया जाएगा, जबकि पर्यावरण विशेषज्ञ समेत कई पदों पर अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर बुलाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पीएमयू का गठन किया गया था लेकिन जब योजनाएं समाप्त हो गईं तो पीएमयू को भंग कर दिया गया। अब जबकि एडीबी वित्तपोषित तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं तो नए सिरे से पीएमयू की जरूरत महसूस की जा रही है। दूसरी ओर इस संबंध में जब प्रमुख सचिव ऊर्जा राधिका झा का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो सका।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की ओर से ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएन में संचालित योजनाआें की मानीटरिंग के लिए प्रोजेक्ट मानीटरिंग यूनिट (पीएमयू) का गठन किया जाएगा। पीएमयू के गठन को लेकर पिटकुल व यूपीसीएल की ओर से एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिस पर शासन स्तर पर मंथन जारी है। पीएमयू में आईएएस अधिकारियों के अलावा तीनों निगमों के अधिकारियों, अभियंताओं को भी शामिल किए जाने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि ऊर्जा विभाग के तीनाें निगमों में कई ऐसी योजनाएं संचालित की जा रही है जिन्हेें एडीबी की ओर से बजट मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन एडीबी की ओर से इन योजनाओं की सीधे तौर पर मानीटरिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में एडीबी अफसरों का योजनाओं व बजट की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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एडीबी ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह अपने स्तर पर प्रोजेक्ट मानीटरिंग यूनिट (पीएमयू) का गठन करे ताकि योजनाआें की मानीटरिंग की जा सके। सूत्रों के मुताबिक शहरी विकास विभाग की तर्ज पर ऊर्जा विभाग में पीएमयू का गठन किया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज भी दिया गया है। हालांकि शासन स्तर पर इस प्रस्ताव में संशोधन कर इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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सूत्रों की मानें तो पीएमयू में शासन स्तर के अधिकारियों के अलावा यूपीसीएल, यूजेवीएनएन व पिटकुल के अधिकारियों, अभियंताओं को शामिल किया जाएगा, जबकि पर्यावरण विशेषज्ञ समेत कई पदों पर अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर बुलाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पीएमयू का गठन किया गया था लेकिन जब योजनाएं समाप्त हो गईं तो पीएमयू को भंग कर दिया गया। अब जबकि एडीबी वित्तपोषित तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं तो नए सिरे से पीएमयू की जरूरत महसूस की जा रही है। दूसरी ओर इस संबंध में जब प्रमुख सचिव ऊर्जा राधिका झा का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो सका।