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उपकरणों और फर्नीचर की खरीद में गोलमाल
Updated Tue, 26 Jun 2018 02:20 AM IST
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उपकरणों और फर्नीचर की खरीद में गोलमाल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद में गोलमाल के बाद अब चिकित्सकीय उपकरणों व फर्नीचर की खरीद में भी भारी गड़बड़ी सामने आयी है। लेखा परीक्षा विभाग की ओर से वित्त सचिव को भेजी गई रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है कि टिहरी गढ़वाल, नरेंद्रनगर, उत्तरकाशी, हरिद्वार व रुड़की में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने प्रावधानों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से लाखों रुपये के उपकरणों की खरीद कर डाली। लाखों रुपये की लागत से जिन उपकरणों को खरीदा गया उनमें से कई उपकरणों को खरीद के बाद इस्तेमाल ही नहीं किया गया। लेखा परीक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में प्रकरण उजागर होने के बाद वित्त सचिव ने रिपोर्ट चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव को भेज दी है।
लेखा परीक्षा विभाग की ओर से वित्त सचिव को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि टिहरी गढ़वाल के सीएमओ ने 28 लाख की लागत से कई चिकित्सकीय उपकरण खरीदे गए लेकिन इनका कोई इस्तेमाल ही नहीं किया गया। नरेंद्रनगर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली-2008 एवं संशोधित नियमावली-2015 के प्रावधानों को दरकिनार कर 9.93 लाख रुपये की मशीन एवं उपकरणों की खरीदारी की। पीएचसी फकोट के सीएमएस ने भी उपकरणों की खरीद में करते हुए 1.35 लाख रुपये के उपकरण खरीद डालेे। रिपोर्ट के मुताबिक पीएचसी हिंडोलाखाल ने 4.31 लाख, पीएचसी प्रताप नगर के सीएमएस ने 4.86 लाख के उपकरणों की खरीद की। रिपोर्ट के मुताबिक हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रावधानों के विपरीत 1.07 रुपये की स्टेशनरी खरीद डाली। जबकि रुड़की सिविल अस्पताल के सीएमएस ने नियमों के विपरीत 13.06 लाख रुपये की मशीनें व फर्नीचर खरीद डाले।
इस संबंध में जब स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव से जानकारी ली गई तो उन्होेंने बताया कि उन्हें इस रिपोर्ट की बाबत कोई जानकारी नहीं है। फिर भी यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है इसकी जांच करायी जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद में गोलमाल के बाद अब चिकित्सकीय उपकरणों व फर्नीचर की खरीद में भी भारी गड़बड़ी सामने आयी है। लेखा परीक्षा विभाग की ओर से वित्त सचिव को भेजी गई रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है कि टिहरी गढ़वाल, नरेंद्रनगर, उत्तरकाशी, हरिद्वार व रुड़की में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने प्रावधानों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से लाखों रुपये के उपकरणों की खरीद कर डाली। लाखों रुपये की लागत से जिन उपकरणों को खरीदा गया उनमें से कई उपकरणों को खरीद के बाद इस्तेमाल ही नहीं किया गया। लेखा परीक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में प्रकरण उजागर होने के बाद वित्त सचिव ने रिपोर्ट चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव को भेज दी है।
लेखा परीक्षा विभाग की ओर से वित्त सचिव को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि टिहरी गढ़वाल के सीएमओ ने 28 लाख की लागत से कई चिकित्सकीय उपकरण खरीदे गए लेकिन इनका कोई इस्तेमाल ही नहीं किया गया। नरेंद्रनगर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली-2008 एवं संशोधित नियमावली-2015 के प्रावधानों को दरकिनार कर 9.93 लाख रुपये की मशीन एवं उपकरणों की खरीदारी की। पीएचसी फकोट के सीएमएस ने भी उपकरणों की खरीद में करते हुए 1.35 लाख रुपये के उपकरण खरीद डालेे। रिपोर्ट के मुताबिक पीएचसी हिंडोलाखाल ने 4.31 लाख, पीएचसी प्रताप नगर के सीएमएस ने 4.86 लाख के उपकरणों की खरीद की। रिपोर्ट के मुताबिक हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रावधानों के विपरीत 1.07 रुपये की स्टेशनरी खरीद डाली। जबकि रुड़की सिविल अस्पताल के सीएमएस ने नियमों के विपरीत 13.06 लाख रुपये की मशीनें व फर्नीचर खरीद डाले।
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इस संबंध में जब स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव से जानकारी ली गई तो उन्होेंने बताया कि उन्हें इस रिपोर्ट की बाबत कोई जानकारी नहीं है। फिर भी यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है इसकी जांच करायी जाएगी।
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