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सख्त पहरे में किशोर का अंतिम संस्कार

Sat, 12 May 2018 01:08 AM IST
Updated Sat, 12 May 2018 01:08 AM IST
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सख्त पहरे में किशोर का अंतिम संस्कार
झबरेड़ा(रुड़की)। श्यामपुर गांव में शुक्त्रस्वार को किशोर का अंतिम संस्कार सख्त पुलिस पहरे के बीच हुआ। इसके बाद भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ता आरोपी महकार सिंह के घर पहुंचे, लेकिन मौके पर कोई न मिलने पर इन्होंने आरोपी के घर पर पथराव कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जैसे तैसे कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
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इससे पहले मृतक के परिवार को 20 लाख और घायल के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग के लिए गुस्साए ग्रामीणों ने शव एंबुलेंस से नीचे नहीं उतरने दिया। आखिर जिलाधिकारी और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को चार लाख 12 हजार रुपये का चेक सौंपकर शांत कराया। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। दोपहर बाद पुलिस ने फायरिंग के मुख्य आरोपी महकार और उसके बेटे ललित को गिरफ्तार कर लिया।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहित तमाम आला अधिकारी रातभर गांव में ही डटे रहे, लेकिन क्षेत्र और आसपास के क्षेत्र में बवाल की आशंका से पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। इस पर गांव में भारी पुलिस तैनात की गई है।
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बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे झबरेड़ा क्षेत्र के श्यामपुर गांव में खेत में पानी देने के दौरान हुए विवाद में महकार पक्ष के लोगों की ओर से वेदपाल, उसके बेटे विकास और भतीजे अनित पर फ ायरिंग कर दी गई थी। इसमें वेदपाल के बेटे विकास की मौत हो गई थी। जबकि वेदपाल और इनका भतीजा अनित घायल हो गए थे। मामला की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बवाल के बाद से गांव में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया हुआ है।
बवाल की आशंका पर बृहस्पतिवार रात से ही पुलिस ने गांव में किसी को नहीं घुसने दिया। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मृतक विकास का शव पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से गांव लाया गया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया, अन्य ग्रामीणों में आक्रोश साफ दिख रहा था। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने शव को एंबुलेंस से नीचे नहीं उतारने दिया। इन्होंने मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये और घायलों को 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। एंबुलेंस के साथ-साथ पहुंचे जिलाधिकारी दीपक रावत और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने जैसे-तैसे गुस्साए ग्रामीणों को शांत किया। आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों के लिए शासन से वार्ता करेंगे और उचित मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसके बाद ग्रामीणों ने शव नीचे उतारा और अंतिम संस्कार किया। एसपी देहात ने बताया कि मृतक के भाई रॉकी की ओर से दूसरे पक्ष के महकार सिंह, ललित, अनिल, अमित और सुनील समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया कि शेष आरोपी जल्द दबोचे जाएंगे।

प्रशासन ने जिले में बंद कराई इंटरनेट सेवा
रुड़की। सोशल मीडिया पर श्यामपुर की घटना को तूल देने की आशंका पर प्रशासन ने शुक्त्रस्वार दोपहर ढाई बजे से देर शाम तक इंटरनेट सेवा बंद करवाई। बीएसएनएल की सेवा देर शाम के बाद शुरू हो पाई।

गौरतलब है कि व्हाट्सएप व फेसबुक पर हिंसक बयानबाजी बड़े बवाल का कारण बनती रही है। इसी आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने दोपहर बाद जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद करवाई। इससे जहां आम लोगों को तो परेशानी हुई, लेकिन बवाल को तूल देने वालों की हसरत पूरी नहीं हो पाई। इस दौरान मोबाइल उपभोक्ता शाम तक इंटरनेट सेवा बंद करने के कारण से अनभिज्ञ रहे। ब्यूरो
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