फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक

Sun, 23 Dec 2018 02:07 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 23 Dec 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू करने की मांग को लेकर लामबंद निजी अस्पताल संचालकों व डॉक्टरों के आंदोलन के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को आदेश जारी किया है कि जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रोें में इलाज के पुख्ता इंतजाम किया जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य महानिदेशक ने डॉक्टरों, पैरामेडिकल, स्टाफ नर्स व कर्मचारियों के अवकाश पर भी रोक लगा दी है।
दूसरी ओर स्वास्थ्य महानिदेशक टीसी पंत का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद निजी अस्पताल संचालकों को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण कराने के साथ ही सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी ही होंगी।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू कराने की मांग को लेकर निजी अस्पतालों के संचालकों व डॉक्टरों ने शनिवार से आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले चरण में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। रविवार से डॉक्टर ओपीडी में मरीजों की जांच बंद कर देंगे। साथ ही सोमवार से सभी निजी अस्पतालों में मरीजों की भर्ती बंद करने के साथ ही इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों को घर भेज दिया जाएगा। ऐसे में मरीजों के इलाज को लेकर अव्यवस्था फैल सकती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत ने सभी सीएमओ को निर्देशित किया है कि वह जिला अस्पतालों के अलावा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज की पुख्ता व्यवस्था करें। अस्पतालों में डॉक्टरोें, पैरामेडिकल, स्टाफ नर्स व कर्मचारियाें की कमी न हो इसके लिए अवकाश पर रोक लगाई जाए। विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत किए जाएं। डॉ. पंत का कहना है कि विधानसभा में पारित होने व हाईकोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल संचालकों को एक्ट के तहत पंजीकरण कराना ही होगा। एक्ट के प्रावधानों के तहत अस्पताल में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी होंगी। स्वास्थ्य महानिदेशक का यह भी कहना है कि निजी अस्पतालों के संचालक व डॉक्टर आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर पंजीकरण से बच नहीं सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed