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आज धरना देंगे परिवहन निगमकर्मी
Updated Mon, 18 Jun 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
आउटसोर्स कर्मचारियों को 18000 रुपये मासिक वेतन देने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में लामबंद उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी आज कार्यालय में एक दिवसीय धरना देंगे। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन समेत अन्य कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने रविवार को बैठक कर तीसरे चरण के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
प्रांतीय अध्यक्ष रवींद्र भगत और प्रांतीय महामंत्री रवि पचौरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यशाला कर्मचारियों के ढांचे में विद्यमान पदों की विसंगतियों को दूर कर हर माह सात तारीख को वेतन देेने पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि परिवहन डिपो के आसपास संचालित होने वाली डग्गामार बसों पर तत्काल रोक लगाई जाए और परिवहन निगम के बेड़े में बसों को बढ़ाकर 2000 किया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उग्र आंदोलन कर चक्का जाम करेंगे। मौके पर भोलादत्त जोशी, मेहर सिंह, हरिओम राणा, आनंद कुकरेती, मोहन सिंह रावत, राजेंद्र कुमार, अरुण कुमार, रमेश मौजूद थे।
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प्रमुख मांगें
आउटसोर्स, अंशकालिक कर्मचारियों का पद नाम बदलकर उन्हें दैनिक वेतनभोगी, संविदा अंशकालिक वर्कचार्ज किया जाए। आउटसोर्स कर्मचारियों को 22 दिन की ड्यूटी के बाद दिया जाने वाले प्रोत्साहन भत्ते को वेतन के साथ दिया जाए। आउटसोर्स परिचालकों को भी चालकों की तरह किमी भत्ता मिले आदि।
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आउटसोर्स कर्मचारियों को 18000 रुपये मासिक वेतन देने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में लामबंद उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी आज कार्यालय में एक दिवसीय धरना देंगे। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन समेत अन्य कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने रविवार को बैठक कर तीसरे चरण के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
प्रांतीय अध्यक्ष रवींद्र भगत और प्रांतीय महामंत्री रवि पचौरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यशाला कर्मचारियों के ढांचे में विद्यमान पदों की विसंगतियों को दूर कर हर माह सात तारीख को वेतन देेने पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि परिवहन डिपो के आसपास संचालित होने वाली डग्गामार बसों पर तत्काल रोक लगाई जाए और परिवहन निगम के बेड़े में बसों को बढ़ाकर 2000 किया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उग्र आंदोलन कर चक्का जाम करेंगे। मौके पर भोलादत्त जोशी, मेहर सिंह, हरिओम राणा, आनंद कुकरेती, मोहन सिंह रावत, राजेंद्र कुमार, अरुण कुमार, रमेश मौजूद थे।
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प्रमुख मांगें
आउटसोर्स, अंशकालिक कर्मचारियों का पद नाम बदलकर उन्हें दैनिक वेतनभोगी, संविदा अंशकालिक वर्कचार्ज किया जाए। आउटसोर्स कर्मचारियों को 22 दिन की ड्यूटी के बाद दिया जाने वाले प्रोत्साहन भत्ते को वेतन के साथ दिया जाए। आउटसोर्स परिचालकों को भी चालकों की तरह किमी भत्ता मिले आदि।
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