{"_id":"5a47d6e34f1c1b5c248b56d1","slug":"61514657507-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी केंद्रों के लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी केंद्रों के लिए
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार।
हेग (नीदरलैंड) स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में हाल ही में न्यायमूर्ति पद पर आसीन हुए दलवीर सिंह भंडारी शनिवार को हरकी पैड़ी पर गंगा आरती में शामिल हुए और गंगा रक्षा की शपथ ली। इस दौरान उन्होंने गंगा रक्षा के लिए गंगा सभा द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
शाम को न्यायमूर्ति दलवीर सिंह भंडारी अपनी पत्नी मधु भंडारी, पुत्री, दामाद, समधी, समधन आदि के साथ हरकी पैड़ी पहुंचे और मां गंगा की पूजा की। इसी बीच सायंकाल को प्रतिदिन होने वाले गंगा रक्षा का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो गया। न्यायमूर्ति दलवीर सिंह भंडारी ने अपनी पूजा रुकवाई और खड़े होकर गंगा रक्षा की शपथ ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने हरकी पैड़ी पर एकत्रित हुए गंगा के भक्तों से कहा कि गंगा विश्व की सबसे बड़ी और पवित्र नदी है। इनके प्रति जितनी श्रद्धा है, उतनी किसी अन्य नदी के प्रति नहीं है। वास्तव में गंगा माता के समान हैं। उन्होंने गंगा के सेवा कार्यों के लिए हरकी पैड़ी प्रबंधकारिणी संस्था गंगा सभा की सराहना की। गंगा सभा के स्वागत सचिव प्रदीप झा के संयोजन में न्यायमूर्ति ने गंगा पूजन के बाद मंच पर आकर गंगा आरती में भाग लिया। उन्होंने स्वयं गंगा आरती उतारी। बाद में न्यायाधीश भंडारी ने गंगा सभा के कार्यालय जाकर अतिथि पुस्तिका में पूरे एक पृष्ठ पर अपने विचार लिखे।
विज्ञापन
हेग (नीदरलैंड) स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में हाल ही में न्यायमूर्ति पद पर आसीन हुए दलवीर सिंह भंडारी शनिवार को हरकी पैड़ी पर गंगा आरती में शामिल हुए और गंगा रक्षा की शपथ ली। इस दौरान उन्होंने गंगा रक्षा के लिए गंगा सभा द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
शाम को न्यायमूर्ति दलवीर सिंह भंडारी अपनी पत्नी मधु भंडारी, पुत्री, दामाद, समधी, समधन आदि के साथ हरकी पैड़ी पहुंचे और मां गंगा की पूजा की। इसी बीच सायंकाल को प्रतिदिन होने वाले गंगा रक्षा का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो गया। न्यायमूर्ति दलवीर सिंह भंडारी ने अपनी पूजा रुकवाई और खड़े होकर गंगा रक्षा की शपथ ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने हरकी पैड़ी पर एकत्रित हुए गंगा के भक्तों से कहा कि गंगा विश्व की सबसे बड़ी और पवित्र नदी है। इनके प्रति जितनी श्रद्धा है, उतनी किसी अन्य नदी के प्रति नहीं है। वास्तव में गंगा माता के समान हैं। उन्होंने गंगा के सेवा कार्यों के लिए हरकी पैड़ी प्रबंधकारिणी संस्था गंगा सभा की सराहना की। गंगा सभा के स्वागत सचिव प्रदीप झा के संयोजन में न्यायमूर्ति ने गंगा पूजन के बाद मंच पर आकर गंगा आरती में भाग लिया। उन्होंने स्वयं गंगा आरती उतारी। बाद में न्यायाधीश भंडारी ने गंगा सभा के कार्यालय जाकर अतिथि पुस्तिका में पूरे एक पृष्ठ पर अपने विचार लिखे।
विज्ञापन