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ऐंसु का नया साल, तेरु स्वागत तेरु सत्कार...
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:21 AM IST
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ऐंसु का नया साल, तेरु स्वागत तेरु सत्कार...
-- अंतरराष्ट्रीय पहाड़ दिवस के उपलक्ष्य में गढ़वाली कवि सम्मेलन आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। अंतरराष्ट्रीय पहाड़ दिवस के उपलक्ष्य पर गढ़वाल महासभा की ओर से लोकभाषा गढ़वाली कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें रचनाकारों ने लोगों को पहाड़ की पीड़ा से जोड़ने का प्रयास किया। लोकभाषा के संरक्षण पर जोर देते कविताओं के माध्यम से पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का आह्वान भी युवाओं से किया।
बृहस्पतिवार को शिवाजीनगर स्थित सनसाइन पब्लिक स्कूल में आयोजित लोकभाषा कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगर पालिका के निवर्तमान चेयरमैन दीप शर्मा, समाजसेवी लक्ष्मण सिंह रावत और महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे सिंह नेगी ने किया। इसके बाद स्कूल छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कवि सम्मेलन की शुरूआत साहित्यकार मदनमोहन ढुकलान ने जख देवतों का ठौं छन भैजि, वखी हमार गौं छन भैजि... कविता से की। कवि बिशन सिंह चौहान ने पुराणा जमाणे बरात शरीर पर सुंदर सफेद कपड़ा, मुंड मा पगड़ी मा टोपी दाना समाणों का साथ..., साहित्यकार धनेश कोठारी ने ऐंसु का नया साल तेरु स्वागत तेरु सत्कार... का काव्यपाठ किया।
हास्य कवि दीपक कैंतुरा ने हम त पहाड़ी छां एवं उत्तराखंड का आंसू... का पाठ किया। इस दौरान स्कूल के प्रबंधक रवप्रीत छाबड़ा ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को बोली भाषा से जोड़े रखने में साहित्यकारों और संगीतकारों को अहम योगदान है। अब युवाओं को लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आने की जरूरत है। मौके पर इंद्रजीत कौर, होशियार सिंह पयाल, हिमित कक्कड़, जसप्रीत कौर, मनोज छाबड़ा, जनार्दन कैरवान, कुसुम जोशी, नरेंद्र रयाल, एचएन भट्ट, दीपा जोशी, लक्ष्मी पोखरियाल, सुरेंद्र भंडारी, भरत नेगी, दीपिका, लक्ष्मण असवाल, अंकित नैथानी, सौरभ सेंगर, मनोज नेगी आदि मौजूद थे।
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-- अंतरराष्ट्रीय पहाड़ दिवस के उपलक्ष्य में गढ़वाली कवि सम्मेलन आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। अंतरराष्ट्रीय पहाड़ दिवस के उपलक्ष्य पर गढ़वाल महासभा की ओर से लोकभाषा गढ़वाली कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें रचनाकारों ने लोगों को पहाड़ की पीड़ा से जोड़ने का प्रयास किया। लोकभाषा के संरक्षण पर जोर देते कविताओं के माध्यम से पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का आह्वान भी युवाओं से किया।
बृहस्पतिवार को शिवाजीनगर स्थित सनसाइन पब्लिक स्कूल में आयोजित लोकभाषा कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगर पालिका के निवर्तमान चेयरमैन दीप शर्मा, समाजसेवी लक्ष्मण सिंह रावत और महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे सिंह नेगी ने किया। इसके बाद स्कूल छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कवि सम्मेलन की शुरूआत साहित्यकार मदनमोहन ढुकलान ने जख देवतों का ठौं छन भैजि, वखी हमार गौं छन भैजि... कविता से की। कवि बिशन सिंह चौहान ने पुराणा जमाणे बरात शरीर पर सुंदर सफेद कपड़ा, मुंड मा पगड़ी मा टोपी दाना समाणों का साथ..., साहित्यकार धनेश कोठारी ने ऐंसु का नया साल तेरु स्वागत तेरु सत्कार... का काव्यपाठ किया।
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हास्य कवि दीपक कैंतुरा ने हम त पहाड़ी छां एवं उत्तराखंड का आंसू... का पाठ किया। इस दौरान स्कूल के प्रबंधक रवप्रीत छाबड़ा ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को बोली भाषा से जोड़े रखने में साहित्यकारों और संगीतकारों को अहम योगदान है। अब युवाओं को लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आने की जरूरत है। मौके पर इंद्रजीत कौर, होशियार सिंह पयाल, हिमित कक्कड़, जसप्रीत कौर, मनोज छाबड़ा, जनार्दन कैरवान, कुसुम जोशी, नरेंद्र रयाल, एचएन भट्ट, दीपा जोशी, लक्ष्मी पोखरियाल, सुरेंद्र भंडारी, भरत नेगी, दीपिका, लक्ष्मण असवाल, अंकित नैथानी, सौरभ सेंगर, मनोज नेगी आदि मौजूद थे।
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