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स्वर्गीय स्वतंत्रता संग्राम सेनाना को राज्यपाल ने भेजा निमंत्र
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यवती सिन्हा की मौत के एक माह बाद भी महामहिम का स्टाफ इससे पूरी तरह अंजान है। हालत यह है कि स्टाफ की ओर से 15 अगस्त पर सम्मानित करने के लिए उन्हें देहरादून आने का निमंत्रण भेजा गया है। जबकि परिजनों की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यवती सिन्हा की मौत की सूचना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत जिला प्रशासन को पत्र भेजकर दी गई थी। परिजनों ने दुख जताते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि आजादी दिलाने वाले नायकों के लिए हम कितने संवेदनशील हैं।
शासन-प्रशासन और सरकार ने 15 अगस्त की तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए राज्यपाल की ओर से राजभवन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित करने के लिए बुलाया जाता है। इसके तहत रुड़की निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यवती सिन्हा को भी आमंत्रण भेजा गया है। जबकि उनका करीब एक माह पहले देहांत हो चुका है। स्वतंत्रता के आंदोलन में सत्यवती सिन्हा के योगदान को देखते हुए दो बार राष्ट्रपति और दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। 14 जुलाई 2017 को 91 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया। सत्यवती सिन्हा की बेटी किरण कौशिक ने बताया कि देहांत के बाद तेरहवीं की सूचना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को फैैक्स और मेल आदि से भेज दी गई थी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। किसी ने संवेदना के दो शब्द तक नहीं भेजे। उन्होंने बताया कि अब राज्यपाल की ओर से सत्यवती सिन्हा को स्वतंत्रता दिवस पर देहरादून बुलाने का निमंत्रण दिया गया है। प्रत्येक वर्ष उन्हें यह निमंत्रण आता है, लेकिन वह कभी देहरादून नहीं गई। उन्होंने बताया कि पत्र मिलने के बाद राज्यपाल को फिर से उनके देहांत की सूचना भेजी गई है।
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रुड़की। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यवती सिन्हा की मौत के एक माह बाद भी महामहिम का स्टाफ इससे पूरी तरह अंजान है। हालत यह है कि स्टाफ की ओर से 15 अगस्त पर सम्मानित करने के लिए उन्हें देहरादून आने का निमंत्रण भेजा गया है। जबकि परिजनों की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यवती सिन्हा की मौत की सूचना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत जिला प्रशासन को पत्र भेजकर दी गई थी। परिजनों ने दुख जताते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि आजादी दिलाने वाले नायकों के लिए हम कितने संवेदनशील हैं।
शासन-प्रशासन और सरकार ने 15 अगस्त की तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए राज्यपाल की ओर से राजभवन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित करने के लिए बुलाया जाता है। इसके तहत रुड़की निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यवती सिन्हा को भी आमंत्रण भेजा गया है। जबकि उनका करीब एक माह पहले देहांत हो चुका है। स्वतंत्रता के आंदोलन में सत्यवती सिन्हा के योगदान को देखते हुए दो बार राष्ट्रपति और दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। 14 जुलाई 2017 को 91 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया। सत्यवती सिन्हा की बेटी किरण कौशिक ने बताया कि देहांत के बाद तेरहवीं की सूचना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को फैैक्स और मेल आदि से भेज दी गई थी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। किसी ने संवेदना के दो शब्द तक नहीं भेजे। उन्होंने बताया कि अब राज्यपाल की ओर से सत्यवती सिन्हा को स्वतंत्रता दिवस पर देहरादून बुलाने का निमंत्रण दिया गया है। प्रत्येक वर्ष उन्हें यह निमंत्रण आता है, लेकिन वह कभी देहरादून नहीं गई। उन्होंने बताया कि पत्र मिलने के बाद राज्यपाल को फिर से उनके देहांत की सूचना भेजी गई है।
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