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जर्जर भवन का हिस्सा ढहा, अफरा-तफरी
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:27 PM IST
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कोटद्वार। सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद मध्य रात्रि में नजीबाबाद रोड पर स्थित जर्जर मकान का एक हिस्सा ढह गया। मकान में रह रहे करीब 20 लोगों का परिवार बाल-बाल बच गया।
सोमवार रात पौने बारह बजे नजीबाबाद रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जर्जर मकान एक हिस्सा धराशायी हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जर्जर भवन में मोहम्मद मुख्तियार परिवार के 20 सदस्यों के साथ रहते हैं। सभी लोग सोए हुए थे। तभी मकान का एक हिस्सा भरभराते हुए गिर गया। मकान के धराशायी होने की आवाज सुनकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन में भवन के नीचे की ओर दौड़ लगा दी। सूचना पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। उन्होंने खतरे को देखते हुए वहां पर एकत्र भीड़ को हटाया। भवन में रहने वाला परिवार करीब तीन घंटे तक सड़क किनारे बैठा रहा। बाद में परिवार ने परिचित के यहां शरण ली। एसडीएम राकेश तिवारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए नगर पालिका और तहसीलदार को जर्जर भवनों और उनमें रहने वाले लोगों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार रात पौने बारह बजे नजीबाबाद रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जर्जर मकान एक हिस्सा धराशायी हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जर्जर भवन में मोहम्मद मुख्तियार परिवार के 20 सदस्यों के साथ रहते हैं। सभी लोग सोए हुए थे। तभी मकान का एक हिस्सा भरभराते हुए गिर गया। मकान के धराशायी होने की आवाज सुनकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन में भवन के नीचे की ओर दौड़ लगा दी। सूचना पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। उन्होंने खतरे को देखते हुए वहां पर एकत्र भीड़ को हटाया। भवन में रहने वाला परिवार करीब तीन घंटे तक सड़क किनारे बैठा रहा। बाद में परिवार ने परिचित के यहां शरण ली। एसडीएम राकेश तिवारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए नगर पालिका और तहसीलदार को जर्जर भवनों और उनमें रहने वाले लोगों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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