{"_id":"5d5da1678ebc3e6c6415d5b0","slug":"60-villages-cut-off-from-the-main-road-vikas-nagar-news-drn317074840","type":"story","status":"publish","title_hn":"60 गांवों का मुख्य मार्ग से कटा संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
60 गांवों का मुख्य मार्ग से कटा संपर्क
विज्ञापन
भूस्खलन आने के कारण सिलीखड्ड-कुनैन मोटर मार्ग का भी एक बड़ा हिस्सा ढह गया। जिस कारण यह मार्ग भी बी?
- फोटो : VIKAS NAGAR
भारी बारिश के बीच मलबा आने से सड़कों पर अब भी यातायात पूर्ण रूप से बहाल नहीं हो सका है। 17 सड़कें अब भी जगह-जगह मलबा आने से बंद पड़ी हैं। 60 से अधिक गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कटा हुआ है। लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में खाद्यान्न का संकट गहराने लगा है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी वस्तुएं लोगों को पीठ पर लादकर घरों तक पहुंचानी पड़ रही है। कई गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़कें भूस्खलन के चलते कई मीटर तक साफ हो चुकी हैं। जिन्हें ठीक कर यातायात संचालन के लायक बनाने में विभाग को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
बीते शनिवार देर रात को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बीच 32 से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए थे। जिनमें से 17 संपर्क मार्ग अब भी बंद पड़े हुए हैं। अब भी विभाग इन सड़कों पर आए मलबे और बोल्डर पत्थरों को नहीं हटा सका है। लोगों की सेब, टमाटर, आलू, हरी मिर्च, मटर आदि की फसलें वाहनों में पड़े-पड़े सड़ने लगी है। प्रदीप कुमार, विजयपाल सिंह, रामलाल आदि का कहना कि तीन दिन से क्षेत्र की सड़कें मलबा आने से जगह-जगह बाधित हैं। लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पांच से छह किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। सड़कों के बंद होने के कारण लोगों को फसलों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए खच्चरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसमें समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र यातायात बाहल करने की मांग की है। उधर इस संबंध में एसडीएम चकराता डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि सभी अधिशासी अभियंताओं को सडकों पर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
ये मार्ग हैं बंद
तीन दिन बाद भी पीएमजीएसवाई कालसी अंतर्गत बाइला, समोग, सिलीखड्ड- कुनैन, पजिटिलानी, माख्टी-पोखरी, हयो-टगरी, बानपुर, उबरेऊ, भूट, कंधार, लोनिवि चकराता अंतर्गत डेरनाड- पुरटाड, कुल्हा, रोटा- अटाल, बागीया-डाडू, अणू- चिल्हाड़ और लोनिवि साहिया अंतर्गत शहीद सुरेश तोमर केशव मोटर मार्ग समेत 17 मार्ग बंद पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते शनिवार देर रात को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बीच 32 से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए थे। जिनमें से 17 संपर्क मार्ग अब भी बंद पड़े हुए हैं। अब भी विभाग इन सड़कों पर आए मलबे और बोल्डर पत्थरों को नहीं हटा सका है। लोगों की सेब, टमाटर, आलू, हरी मिर्च, मटर आदि की फसलें वाहनों में पड़े-पड़े सड़ने लगी है। प्रदीप कुमार, विजयपाल सिंह, रामलाल आदि का कहना कि तीन दिन से क्षेत्र की सड़कें मलबा आने से जगह-जगह बाधित हैं। लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पांच से छह किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। सड़कों के बंद होने के कारण लोगों को फसलों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए खच्चरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसमें समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र यातायात बाहल करने की मांग की है। उधर इस संबंध में एसडीएम चकराता डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि सभी अधिशासी अभियंताओं को सडकों पर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
ये मार्ग हैं बंद
तीन दिन बाद भी पीएमजीएसवाई कालसी अंतर्गत बाइला, समोग, सिलीखड्ड- कुनैन, पजिटिलानी, माख्टी-पोखरी, हयो-टगरी, बानपुर, उबरेऊ, भूट, कंधार, लोनिवि चकराता अंतर्गत डेरनाड- पुरटाड, कुल्हा, रोटा- अटाल, बागीया-डाडू, अणू- चिल्हाड़ और लोनिवि साहिया अंतर्गत शहीद सुरेश तोमर केशव मोटर मार्ग समेत 17 मार्ग बंद पड़े हैं।
विज्ञापन