{"_id":"5bfb064dbdec22417d6292d2","slug":"51543177805-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी अस्पतालोें को निजी अस्पतालोें को सौंपे जाने का डॉक्टरों ने किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी अस्पतालोें को निजी अस्पतालोें को सौंपे जाने का डॉक्टरों ने किया विरोध
Updated Mon, 26 Nov 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुगम क्षेत्र के जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निजी अस्पतालों को सौंपे जाने पर प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने विरोध कर दिया है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बावजूद एसीपी (एश्योर कॅरियर प्रमोशन) का लाभ नहीं दिए जाने पर रोष जताया।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी की अध्यक्षता में रविवार को कोरोनेशन अस्पताल में कोर कमेटी की बैठक आयोजित हुई। इसमें डॉक्टरों ने कहा कि विश्व बैंक की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि दूरदराज के इलाकों में संचालित ऐसे जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं उन अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों को ही पीपीपी मोड में संचालित किया जाए। लेकिन, विभाग ने बड़े निजी अस्पतालों के साथ साठगांठ करके सुगम क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों को ही उनके हवाले कर दिया है। पहले चरण में विभाग ने टिहरी के जिला अस्पताल समेत पांच अस्पतालों कर निजीकरण कर दिया है। जबकि इन अस्पतालों में विभाग की ओर से पहले से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही थी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और विश्व बैंक की योजनाओं को गलत तरीके से लागू कर रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं में स्वास्थ्य महानिदेशक की राय तक नहीं ली जा रही है। बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों को एसीपी का लाभ नहीं दिए जाने का भी मुद्दा उठा। डॉक्टराें ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों को एसीपी का लाभ दिए जाने के साथ ही उनकी पदोन्नति का मामला शासन में लटका हुआ है। इसके लिए संघ के साथ कई बार की बैठकें हो गई हैं। बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। संघ के महासचिव डॉ. दिनेश चौहान ने कहा कि इस मुद्दे पर 30 नवंबर को बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी, महासचिव डॉ. दिनेश चौहान के अलावा उपाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला, डॉ. मेघना असवाल, डॉ. प्रदीप राणा, डॉ. चारु बहुगुणा, डॉ. अजीत मोहन जौहरी, डॉ. मनोज कांडपाल, डॉ. रामप्रकाश, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. गरिमा पंत, डॉ. तुहीन कुमार, डॉ. आरके सिंह आदि पदाधिकारी व डॉक्टर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुगम क्षेत्र के जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निजी अस्पतालों को सौंपे जाने पर प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने विरोध कर दिया है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बावजूद एसीपी (एश्योर कॅरियर प्रमोशन) का लाभ नहीं दिए जाने पर रोष जताया।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी की अध्यक्षता में रविवार को कोरोनेशन अस्पताल में कोर कमेटी की बैठक आयोजित हुई। इसमें डॉक्टरों ने कहा कि विश्व बैंक की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि दूरदराज के इलाकों में संचालित ऐसे जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं उन अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों को ही पीपीपी मोड में संचालित किया जाए। लेकिन, विभाग ने बड़े निजी अस्पतालों के साथ साठगांठ करके सुगम क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों को ही उनके हवाले कर दिया है। पहले चरण में विभाग ने टिहरी के जिला अस्पताल समेत पांच अस्पतालों कर निजीकरण कर दिया है। जबकि इन अस्पतालों में विभाग की ओर से पहले से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही थी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और विश्व बैंक की योजनाओं को गलत तरीके से लागू कर रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं में स्वास्थ्य महानिदेशक की राय तक नहीं ली जा रही है। बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों को एसीपी का लाभ नहीं दिए जाने का भी मुद्दा उठा। डॉक्टराें ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों को एसीपी का लाभ दिए जाने के साथ ही उनकी पदोन्नति का मामला शासन में लटका हुआ है। इसके लिए संघ के साथ कई बार की बैठकें हो गई हैं। बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। संघ के महासचिव डॉ. दिनेश चौहान ने कहा कि इस मुद्दे पर 30 नवंबर को बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी, महासचिव डॉ. दिनेश चौहान के अलावा उपाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला, डॉ. मेघना असवाल, डॉ. प्रदीप राणा, डॉ. चारु बहुगुणा, डॉ. अजीत मोहन जौहरी, डॉ. मनोज कांडपाल, डॉ. रामप्रकाश, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. गरिमा पंत, डॉ. तुहीन कुमार, डॉ. आरके सिंह आदि पदाधिकारी व डॉक्टर उपस्थित रहे।
विज्ञापन