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मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को गठित होंगी विशेष टीमें

Sat, 24 Nov 2018 01:39 AM IST
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:39 AM IST
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मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को गठित होंगी विशेष टीमें
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को गठित होंगी विशेष टीमें
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य में मानव और वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए अब हर वन प्रभाग में विशेष टीम गठित की जाएगी, जो अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस होगी। यह निर्णय भारतीय वन सेवा संघ के वार्षिक अधिवेशन आईएफएस मीट-2018 में लिया गया।
शुक्रवार को अधिवेशन के दौरान यह निर्णय लिया गया कि वन विभाग की ओर से साल 2003 में पूरे राज्य में जिन 11 कॉरीडोर को चिन्हित किया गया था, उन्हें अधिसूचित कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि इन अधिसूचित कॉरीडोर में क्या-क्या चीजें प्रतिबंधित होगी? ताकि मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाआें को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की तर्ज पर कुछ नियमावली बनाई जाए। निर्णय लिया गया कि सभी वन प्रभागों में अधिकारियों की अगुवाई में अत्याधुनिक हथियाराें व उपकरणों से लैस विशेष प्रशिक्षित टीमें तैनात की जाएं, जो मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर नजर रखेंगी।
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पानी की किल्लत से जूझ रहे नगरों को गोद लेगा वन विभाग
पर्वतीय इलाकों में पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को जलापूर्ति कराने के लिए जल संरक्षण योजनाओं के तहत वन विभाग ऐसे नगरों को गोद लेगा। भारतीय वन सेवा संघ के अधिवेशन में सहमति बनी कि माडल के तौर पर पहाड़ों की रानी मसूरी को गोद लिया जाएगा। जहां विभागीय स्तर पर योजनाएं तैयार जल संरक्षण किया जाएगा और जलापूर्ति की जाएगी। इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से अन्य नगरों को योजना में शामिल किया जाएगा। बैठक में साल दर साल जंगलों में आग लगने की घटनाआें पर भी चिंता जताते हुए निर्णय लिया गया कि योजनाएं सिर्फ गर्मी के सीजन में ही तैयार न की जाएं, बल्कि इसके लिए साल भर योजनाएं लागू की जाए।
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30 साल की सेवा पूरी करने वाले आईएफएस को मिले पदोन्नति
अधिवेशन के दौरान भारतीय वन सेवा के अधिकारियों ने मांग उठाई कि ऐसे आईएफएस अफसर जिन्होंने 30 साल की सेवा पूरी कर ली हो, उन्हें स्वत: पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नति दे दी जाए। इसके अलावा 25 साल की सेवा पूरी करने वाले अफसरों को एपीसीसीएफ बनाया जाए। इस दौरान प्रमुख वन संरक्षक जयराज, पीसीसीएफ रंजना काला, पीसीसीएफ एसके दत्ता, संघ सचिव व पीसीसीएफ एसपी सुबुद्धि, आरके मिश्र, वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक गंभीर सिंह, वन विकास निगम के अपर प्रबंध निदेशक जेएस सुहाग, डीएफओ राजीव धीमान समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
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