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शिक्षक संघ की मांगों पर हो रही कार्रवाई : पांडेय
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजकीय शिक्षक संघ की 18 सूत्री मांगों में से ज्यादातर पर कार्रवाई गतिमान है। कुछ मामले वित्त और न्याय विभाग में लंबित हैं, जिनका वहां से निस्तारण होने के बाद ही समाधान हो सकेगा। विभागीय अधिकारियों और संघ अध्यक्ष की बैठक के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने यह जानकारी दी। इन्हीं 18 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने शिक्षा निदेशालय में अनशन किया था।
बुधवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की अध्यक्षता में शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख, निदेशक आरके कुंवर और राजकीय शिक्षक संघ अध्यक्ष कमल किशोर के बीच वार्ता हुई। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की कोटिकरण में सुधार, वेतन विसंगति का निस्तारण, विज्ञान प्रवक्ताओं की पदोन्नति, 15 दिन के अतिरिक्त मातृत्व लाभ का अवकाश देने का अधिकार प्रधानाचार्य को देने जैसी मांगों पर अलग-अलग स्तरों पर कार्रवाई चल रही है। कुछ अन्य मांगों पर वित्त और न्याय विभाग की ओर से अड़ंगा लगाया गया है। इन मामलों में उनके स्तर से निराकरण होने के बाद ही कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।
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अन्य पदाधिकारी और शिक्षक नाराज
शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों से वार्ता के बाद संघ अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी के सभी मांगों पर कार्रवाई गतिमान होने संबंधी बयान पर संघ के अन्य पदाधिकारी और शिक्षक उनसे नाराज हो गए हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले भी मंत्री और विभागीय अधिकारी मांगों पर कार्रवाई गतिमान होने का भरोसा दिला रहे थे। तब अध्यक्ष ने उनकी बात क्यों नहीं मानी। तब जानबूझकर आंदोलन क्यों किया गया, जिससे संघ और आम शिक्षकों की किरकिरी हुई।
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आंदोलन के दौरान भी हमें कार्रवाई गतिमान होने की बात कही जा रही थी, लेकिन बुधवार को खुद विभागीय मंत्री ने सचिव और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में सभी मांगों पर बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मांगों पर कार्रवाई गतिमान है।
-कमल किशोर डिमरी, अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ
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राजकीय शिक्षक संघ की 18 सूत्री मांगों में से ज्यादातर पर कार्रवाई गतिमान है। कुछ मामले वित्त और न्याय विभाग में लंबित हैं, जिनका वहां से निस्तारण होने के बाद ही समाधान हो सकेगा। विभागीय अधिकारियों और संघ अध्यक्ष की बैठक के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने यह जानकारी दी। इन्हीं 18 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने शिक्षा निदेशालय में अनशन किया था।
बुधवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की अध्यक्षता में शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख, निदेशक आरके कुंवर और राजकीय शिक्षक संघ अध्यक्ष कमल किशोर के बीच वार्ता हुई। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की कोटिकरण में सुधार, वेतन विसंगति का निस्तारण, विज्ञान प्रवक्ताओं की पदोन्नति, 15 दिन के अतिरिक्त मातृत्व लाभ का अवकाश देने का अधिकार प्रधानाचार्य को देने जैसी मांगों पर अलग-अलग स्तरों पर कार्रवाई चल रही है। कुछ अन्य मांगों पर वित्त और न्याय विभाग की ओर से अड़ंगा लगाया गया है। इन मामलों में उनके स्तर से निराकरण होने के बाद ही कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।
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अन्य पदाधिकारी और शिक्षक नाराज
शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों से वार्ता के बाद संघ अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी के सभी मांगों पर कार्रवाई गतिमान होने संबंधी बयान पर संघ के अन्य पदाधिकारी और शिक्षक उनसे नाराज हो गए हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले भी मंत्री और विभागीय अधिकारी मांगों पर कार्रवाई गतिमान होने का भरोसा दिला रहे थे। तब अध्यक्ष ने उनकी बात क्यों नहीं मानी। तब जानबूझकर आंदोलन क्यों किया गया, जिससे संघ और आम शिक्षकों की किरकिरी हुई।
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आंदोलन के दौरान भी हमें कार्रवाई गतिमान होने की बात कही जा रही थी, लेकिन बुधवार को खुद विभागीय मंत्री ने सचिव और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में सभी मांगों पर बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मांगों पर कार्रवाई गतिमान है।
-कमल किशोर डिमरी, अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ