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कैश की किल्लत के लिए सरकार जिम्मेदार
Updated Mon, 23 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
एटीएम में कैश की किल्लत के लिए सरकार जिम्मेदार है। बढ़ता एनपीए गंभीर समस्या है। सरकार को दो हजार के नोटों की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह बातें रविवार को सहारनपुर रोड स्थित होटल में ऑल इंडिया पंजाब एंड सिंध बैंक स्टाफ आर्गनाइजेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों ने कही।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में कैश की किल्लत से लोग परेशान हैं। इसके लिए सरकार की नीतियां और रिजर्व बैंक जिम्मेदार है। बढ़ता एनपीए भी चिंताजनक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बैंक कर्मचारियों का नवंबर 2017 से देय वेतन समझौते को लेकर भी टालमटोल कर रही है। वहीं, कहा कि दो हजार के नोटों की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। इस दौरान एसपीएस विर्क, प्रवीण आनंद, उत्तम पी मजूमदार, जोगिंदर पाल, जगमोहन, आरके शर्मा, इंदर सिंह, कुलदीप सिंह, बीपी सुंदरियाल, विनय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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एटीएम में कैश की किल्लत के लिए सरकार जिम्मेदार है। बढ़ता एनपीए गंभीर समस्या है। सरकार को दो हजार के नोटों की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह बातें रविवार को सहारनपुर रोड स्थित होटल में ऑल इंडिया पंजाब एंड सिंध बैंक स्टाफ आर्गनाइजेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों ने कही।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में कैश की किल्लत से लोग परेशान हैं। इसके लिए सरकार की नीतियां और रिजर्व बैंक जिम्मेदार है। बढ़ता एनपीए भी चिंताजनक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बैंक कर्मचारियों का नवंबर 2017 से देय वेतन समझौते को लेकर भी टालमटोल कर रही है। वहीं, कहा कि दो हजार के नोटों की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। इस दौरान एसपीएस विर्क, प्रवीण आनंद, उत्तम पी मजूमदार, जोगिंदर पाल, जगमोहन, आरके शर्मा, इंदर सिंह, कुलदीप सिंह, बीपी सुंदरियाल, विनय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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