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प्रदेश में चार वर्ष का बीएड अधर में

Mon, 26 Mar 2018 02:28 AM IST
Updated Mon, 26 Mar 2018 02:28 AM IST
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प्रदेश में चार वर्ष का बीएड अधर में
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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प्रदेश में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड अधर में लटक गया है। सरकार ने बीएड कॉलेजों में इस कोर्स के रास्ते अभी तक नहीं खोले हैं, लिहाजा किसी भी कॉलेज में एनसीटीई का यह कोर्स शुरू नहीं हो पाया है। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने शासन के अधिकारियों पर बेरुखी का आरोप लगाते हुए जल्द मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलने की बात कही है।
रविवार को प्रेस वार्ता कर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि एनसीटीई-2014 रेगुलेशन में चार वर्षीय बीएड का प्रावधान किया गया था। इस दौरान पेसलवीड कॉलेज को एनसीटीई ने इस कोर्स की मान्यता भी दे दी थी, लेकिन शासन ने इस पर रोक लगा दी। नतीजतन 12वीं के बाद बीएड की राह उत्तराखंड में नहीं खुल पाई है। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर इस बदलाव के बारे में नहीं सोच रहे हैं, जिसके दूरगामी परिणाम छात्रों के दूसरे राज्यों में पलायन के रूप में सामने आएंगे।
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सुनील अग्रवाल के मुताबिक, एनसीटीई और केंद्र सरकार अब दो वर्षीय बीएड को खत्म कर चार वर्षीय बीएड कोर्स चलाने की ओर बढ़ रही है। इस कोर्स में डीएलएड की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। लिहाजा इस साल भी एनसीटीई ने नए कोर्स की मान्यता की फाइल नहीं मांगी है। जिस प्रकार डीएलएड को सरकार ने केवल सरकारी डायट तक सीमित रखा है, वैसे ही चार वर्षीय बीएड को लेकर भी सरकार के अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है। इसके खिलाफ वह जल्द ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से वार्ता भी करेंगे।
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