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जर्जरहाल भवनों में चल रहे 47 स्कूल

Sat, 10 Aug 2019 01:45 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2019 01:45 AM IST
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47 schools running in dilapidated buildings
प्राइमरी स्कूल ददोली के भवन में पड़ी दरारें - फोटो : VIKAS NAGAR
कालसी ब्लॉक में 47 स्कूल जर्जरहाल भवनों में संचालित हो रहे हैं। हल्की सी बारिश में इन स्कूलों के परिसर तालाब बन जाते हैं। कमरों की छतों से पानी टपकने लगता है। इस कारण बरसात में छात्रों की छुट्टी तक करनी पड़ जाती है। कई स्कूलों में लंबी-लंबी दरारें पड़ी हुई हैं।
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विभागीय अधिकारियों ने जून में सुरक्षित स्थानों पर कक्षाओं के संचालन के आदेश दिए थे। बावजूद इसके अब तक सुरक्षित स्थानों की तलाश नहीं की गई है। इन स्कूलों के छात्र खतरे के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ऐसे में यदि जजर्रहाल भवनों में संचालित हो रही कक्षाओं में यदि कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इसका जवाब किसी के पास भी नहीं है।
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कालसी प्रखंड के प्राइमरी से लेकर इंटर कॉलेज तक करीब 47 स्कूल भवन मरम्मत के अभाव जर्जरहाल हैं। क्षेत्र में कुल 196 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में से 35 स्कूलों की हालत बेहद खराब है। साथ ही 48 जूनियर हाईस्कूलों में से 11 स्कूलों की हालत दयनीय बनी हुई है। 16 इंटर कॉलेजों में से जीजीआईसी साहिया की हालत भी कमोवेश ऐसी ही है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह, जालम सिंह चौहान, शांति सिंह, महेंद्र सिंह आदि का कहना है कि पढ़ाई के वक्त छात्रों की एक नजर छत पर होती है तो दूसरी ब्लैक बोर्ड पर। कक्षाओं की स्थिति इस कदर खराब है कि कब छत का प्लास्टर गिरने लग जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। कहा कि बीते कई सालों से इन स्कूलों की मरम्मत नहीं की गई है। इस कारण साल दर साल यह स्कूल खस्ताहाल होते जा रहे हैं।

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इन स्कूलों की हालत है खस्ता
कालसी ब्लॉक के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय दधोली, पानुवा, जामुवा, अस्टी, डिमऊ, कनबुआ, खमरोली, चिबऊ, दधोऊ, हमराया, जूनियर हाईस्कूल संवाई, सैलालानी, पुनाह पोखी, रुपऊ और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया समेत 47 स्कूलों की हालत खस्ता बनी हुई है।
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बजट के लिए बदहाल स्कूलों की सूची तैयार कर शासन को भेजी गई है। बजट स्वीकृत होते ही स्कूल भवनों की मरम्मत कराई जाएगी।
- अतर सिंह चौहान, खंड शिक्षाधिकारी, कालसी
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