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छात्रसंघ चुनाव- एसजीआरआर-फोटो एसजीआरआर में एबीवीपी के बागी प्रविंद बने अध्यक्ष

Sun, 09 Sep 2018 01:48 AM IST
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:48 AM IST
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छात्रसंघ चुनाव- एसजीआरआर-फोटो    एसजीआरआर में एबीवीपी के बागी प्रविंद बने अध्यक्ष
एसजीआरआर में एबीवीपी के बागी प्रविंद बने अध्यक्ष
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। एसजीआरआर पीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की बगावत का परिणाम शनिवार को मतगणना के बाद साफ देखने को मिला। एबीवीपी छोड़ कर निर्दलीय चुनाव लड़े प्रविंद गुप्ता ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। इसके अलावा एबीवीपी के सभी प्रत्याशी तीसरे नंबर रहे। वहीं एनएसयूआई चार पदों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही। इसके अलावा आर्यन संगठन के बागी अकमल अली ने भी महासचिव पद पर शानदार जीत दर्ज की।
एसजीआरआर में शनिवार सुबह निर्धारित समय से मतदान शुरू हुआ। मतदान के दौरान छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक अपने प्रत्याशियों के हक में मतदान की अपील करते नजर आए। कॉलेज में कुल 1269 में से रिकॉर्ड 879 वोट (69.27 प्रतिशत) पड़े। दोपहर बाद मतगणना शुरू हुई। मतगणना के शुरू से ही आए रुझानों में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी प्रविंद गुप्ता को बढ़त मिल गई और एनएसयूआई के हाथ से जीत खिसक गई। वहीं अध्यक्ष पद पर एबीवीपी प्रत्याशी गिरीश भट्ट तीसरे स्थान पर खिसक गए। महासचिव पद पर आर्यन के प्रत्याशी को संगठन के बागी प्रत्याशी अकमल अली ने पराजित किया। बाकी सभी पदों पर एनएसयूआई के प्रत्याशी जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। परिणाम घोषित होने के बाद सभी विजेताओं को शपथ ग्रहण कराई गई। मुख्य चुनाव अधिकारी मेजर प्रदीप सिंह ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा। पर्यवेक्षक अनुराग शंखधर ने चुनाव और मतगणना पर पूरी नजर बनाए रखी। इसके पहले प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान निरीक्षण किया।
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रिकॉर्ड मतदान हुआ
पिछले वर्षों की अपेक्षा छात्रसंघ चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है। वर्ष 2016 में महज 45.25 प्रतिशत वोट पड़े थे। वर्ष 2017 में मतदान 58.57 प्रतिशत रहा था। इस साल रिकॉर्ड 69.27 प्रतिशत मतदान हुआ।
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सहसचिव पद प्रत्याशी सबसे ज्यादा नापसंद
छात्रसंघ चुनाव में सहसचिव पद के प्रत्याशी सबसे ज्यादा नापसंद किए गए। इस पद पर सर्वाधिक 114 छात्रों ने नन ऑफ द अबॉव (नोटा) का इस्तेमाल किया। इसके अलावा अध्यक्ष पद पर नौ, उपाध्यक्ष पद पर 45, महासचिव पद पर 34, कोषाध्यक्ष पद पर 79 और विवि प्रतिनिधि पद पर 52 छात्रों ने नोटा का इस्तेमाल किया।
किस पद पर कौन जीता, कौन हारा
अध्यक्ष
विजेता : प्रविंद गुप्ता (550 वोट)
उप विजेता : गौरांगना क्षेत्री (212 वोट)
जीत का अंतर : 338 वोट

उपाध्यक्ष
विजेता : मौ. आसिफ (295 वोट)
उप विजेता : वर्षा धीमान (277 वोट)
जीत का अंतर : 18 वोट

महासचिव
विजेता :अकमल अली (464 वोट)
उप विजेता : शिवांग प्रताप राणा (375 वोट)
जीत का अंतर : 89 वोट

सहसचिव
विजेता : दीपा गड़िया (383 वोट)
उप विजेता : दिव्या अरोड़ा (367 वोट)
जीत का अंतर : 16 वोट

कोषाध्यक्ष
विजेता : शिवानी नेगी(402 वोट)
उप विजेता : सनावर नाज(220 वोट)
जीत का अंतर : 182 वोट

विवि प्रतिनिधि
विजेता : दमनजीत सिंह भाटिया(465 वोट)
उप विजेता : मृदुल भट्ट (350 वोट)
जीत का अंतर : (वोट)

फैक्ट फाइल-
किस साल कौन जीता
वर्ष 2013 : एसजीआरआर के चुनाव में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के महादेव प्रसाद रतूड़ी ने जीत दर्ज की। कुछ पदों पर एबीवीपी भी जीतने में कामयाब रही।
वर्ष 2014 : एबीवीपी के अध्यक्ष प्रत्याशी नवल किशोर नेगी ने एनएसयूआई के प्रत्याशी को 21 वोटों से हराया। एनएसयूआई कुछ पदों पर ही जीत पाई।
वर्ष 2015 : एनएसयूआई के अध्यक्ष प्रत्याशी विपिन बल्लभ भट्ट ने एबीवीपी को हराया। हालांकि एबीवीपी कुछ पदों पर काबिज रही।
वर्ष 2016 : एबीवीपी के अध्यक्ष प्रत्याशी कुलदीप पंत ने एनएसयूआई प्रत्याशी को हराया। यहां एनएसयूआई एक या दो पदों पर ही जीत दर्ज कर पाई।
वर्ष 2017 : सभी पदों पर एबीवीपी की बुरी हार। किसी भी पद पर जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाई एबीवीपी। एनएसयूआई ने किया सूपड़ा साफ।
वर्ष 2017 : अध्यक्ष और महासचिव पद पर निर्दलीय जीत। बाकी सभी पदों पर एनएसयूआई का कब्जा बरकरार।
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