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दूध मक्खन की होली खेलकर मनाई नाग पंचमी
Updated Thu, 16 Aug 2018 11:04 PM IST
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बड़कोट। नाग पंचमी पर्व के अवसर पर रवाईं घाटी के कुपड़ा गांव स्थित शेषनाग देवता मंदिर परिसर में पौराणिक मेला आयोजित किया गया। मेले में शामिल हुए ग्रामीणों ने दूध, घी व मक्खन से शेषनाग देवता का अभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर दूध-मक्खन से खेली गई अनूठी होली विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
बुधवार को कुपड़ा गांव स्थित शेषनाग देवता मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ नाग पंचमी मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गीठ बजरी पट्टी समेत क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण कुपड़ा गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने दूध, घी और मक्खन से शेषनाग देवता का अभिषेक किया। इसके बाद ग्रामीणों ने एक दूसरे के साथ दूध मक्खन की होली खेलकर उत्सव मनाया, साथ ही ढोल दमाऊं की धुन पर पारंपरिक रासौं तांदी नृत्य भी किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी गिरीश नौटियाल ने बताया कि सदियों से ग्रामीण अपने परिवार और मवेशियों की खुशहाली के लिए इस पर्व को मनाते हैं। अपने आराध्य का आभार प्रकट करने के लिए ग्रामीण बुग्यालों की मखमली घास खाकर तंदुरुस्त हुए पशुओं का दूध, घी और मक्खन शेषनाग देवता को चढ़ाते हैं। मेले के दौरान भगत सिंह राणा, अनिता राणा, चित्रमोहन सिंह, ऐलम रावत, आयुष, कुलदीप सिंह, राकेश सिंह, चंद्रमोहन राणा आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को कुपड़ा गांव स्थित शेषनाग देवता मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ नाग पंचमी मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गीठ बजरी पट्टी समेत क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण कुपड़ा गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने दूध, घी और मक्खन से शेषनाग देवता का अभिषेक किया। इसके बाद ग्रामीणों ने एक दूसरे के साथ दूध मक्खन की होली खेलकर उत्सव मनाया, साथ ही ढोल दमाऊं की धुन पर पारंपरिक रासौं तांदी नृत्य भी किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी गिरीश नौटियाल ने बताया कि सदियों से ग्रामीण अपने परिवार और मवेशियों की खुशहाली के लिए इस पर्व को मनाते हैं। अपने आराध्य का आभार प्रकट करने के लिए ग्रामीण बुग्यालों की मखमली घास खाकर तंदुरुस्त हुए पशुओं का दूध, घी और मक्खन शेषनाग देवता को चढ़ाते हैं। मेले के दौरान भगत सिंह राणा, अनिता राणा, चित्रमोहन सिंह, ऐलम रावत, आयुष, कुलदीप सिंह, राकेश सिंह, चंद्रमोहन राणा आदि मौजूद रहे।
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