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दरोगा की वर्दी फाड़ने के दोषियों को एक-एक साल की सजा
Updated Fri, 11 May 2018 02:12 AM IST
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दरोगा की वर्दी फाड़ने वालों को एक साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
ड्यूटी के दौरान दारोगा की वर्दी फाड़ने और रिवॉल्वर लूटने के प्रयास के तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। दस साल पुराने इस मामले में दोषियों को न्यायालय ने एक साल की सजा सुनाई है। तीन साल से कम सजा होने को आधार बनाते हुए कुछ देर बाद ही उन्हें जमानत पर रिहा भी कर दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता अल्पना थापा ने बताया कि डोईवाला थाना क्षेत्र में 20 जनवरी 2008 को सब इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार कांस्टेबल कैलाश चंद्र के साथ भानियावाला तिराहे पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर चार युवक आते देख उन्होंने रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक से एक युवक कूदकर भाग निकला। जबकि तीनों युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया।
तीनों युवक धीरेंद्र कुमार के साथ झगड़ा करने लगे और उनकी वर्दी फाड़ डाली। आरोपियों ने उनकी रिवॉल्वर लूटने का भी प्रयास किया। घटना के बाद योगेश उर्फ बबलू, प्रवीण सिंह पुत्र बिट्टू और संजय पाल निवासी मोहल्ला बिचली जौली, डोईवाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय चंद्रेश्वरी सिंह ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। वहीं कानूनी प्रावधान के कारण सजा तीन साल से कम होने पर अपील के बाद तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
ड्यूटी के दौरान दारोगा की वर्दी फाड़ने और रिवॉल्वर लूटने के प्रयास के तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। दस साल पुराने इस मामले में दोषियों को न्यायालय ने एक साल की सजा सुनाई है। तीन साल से कम सजा होने को आधार बनाते हुए कुछ देर बाद ही उन्हें जमानत पर रिहा भी कर दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता अल्पना थापा ने बताया कि डोईवाला थाना क्षेत्र में 20 जनवरी 2008 को सब इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार कांस्टेबल कैलाश चंद्र के साथ भानियावाला तिराहे पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर चार युवक आते देख उन्होंने रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक से एक युवक कूदकर भाग निकला। जबकि तीनों युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया।
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तीनों युवक धीरेंद्र कुमार के साथ झगड़ा करने लगे और उनकी वर्दी फाड़ डाली। आरोपियों ने उनकी रिवॉल्वर लूटने का भी प्रयास किया। घटना के बाद योगेश उर्फ बबलू, प्रवीण सिंह पुत्र बिट्टू और संजय पाल निवासी मोहल्ला बिचली जौली, डोईवाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय चंद्रेश्वरी सिंह ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। वहीं कानूनी प्रावधान के कारण सजा तीन साल से कम होने पर अपील के बाद तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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